धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन शनि देव की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। शनि की महादशा से बचने के लिए शनि देव के मंत्रों का जप किया जाता है। इन मंत्रों के जप करने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक पुराणों में भी मंत्र जप के महत्व को बताया गया है। आइए, आज जानते हैं शनि देव को प्रसन्न करने के लिए राशि अनुसार किस मंत्र का जप करना चाहिए....
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मेष
ॐ शान्ताय नम:
मेष राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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वृष
ॐ वरेण्णाय नम:
वृष राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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मिथुन
ॐ मन्दाय नम:
मिथुन राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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कर्क
ॐ सुंदराय नम:
कर्क राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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सिंह
ॐ सूर्यपुत्राय नम:
सिंह राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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कन्या
ॐ महनीयगुणात्मने नम:
कन्या राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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तुला
ॐ छायापुत्राय नम:
तुला राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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वृश्चिक
ॐ नीलवर्णाय नम:
वृश्चिक राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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धनु
ॐ घनसारविलेपाय नम:
धनु राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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मकर
ॐ शर्वाय नम:
मकर राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।
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कुंभ
ॐ महेशाय नम:
कुंभ राशि के जातकों को शनि दोषों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जप करना चाहिए।