इस 25 मई को एक ऐसा संयोग बन रहा है जिसे बनने में वर्षों लग जाते हैं। इससे ये तिथि अपने आप में ही बहुत विशेष बन गई है, क्योंकि इस तिथि को कई सालों बाद एक संयोग बन रहा है। दरअसल इस तिथि को जहां एक तरफ देशभर में शनि जयंती पर भक्त शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना करेंगे, वहीं इसी दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए वट सावित्री का व्रत रखेंगी। यही नहीं 25 मई को इन दो त्यौहारों के साथ ही नौतपा भी शुरू हो रहा है और इन तीनों का संयोग कई सालों बाद बना।
सूर्य रोहिणी नक्षत्र में करेंगे प्रवेश
नौतपा 25 मई से दो जून तक रहेगा। इस दिन शनि देव के पिता सूर्यदेव अपने प्रचंड रूप में आते हैं। नौ दिन तक सूर्य पृथ्वी के नजदीक आकर पूरा वातावरण गर्म कर देते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नौतपा शुरू हो जाएगा। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में शाम 7 बजकर 53 मिनट में प्रवेश करेगा। नौतपा के शुरुआत में ही सूर्य, मंगल की युति का शत्रु राशि शनि से षडाष्टक योग बनेगा।