Birth Story of Shani Dev: इस साल 6 जून 2024 को शनि जयंती मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा के साथ-साथ स्नान और दान करना लाभदायक होता है। इससे जातक को शनि दोष से छुटकारा मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का अपना अलग महत्व है। हालांकि, शनि ग्रह को सबसे खास माना जाता है।
ज्योतिष में उन्हें न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है। वह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। मान्यता है कि जिन जातकों पर उनकी कृपा होती है, वह जीवन में हमेशा तरक्की करते हैं। हालांकि, शनि की टेढ़ी नजर होने पर जातक को हमेशा असफलता मिलती है। यही नहीं उनके अशुभ प्रभाव के चलते व्यक्ति को धन की हानि होने लगती है और वह बीमारियों से घिरा रहता है।
हम सभी की कुंडली में शनि देव की स्थिति महत्वपूर्ण है, उनकी दशा सही होने पर व्यक्ति को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा सभी रुके हुए कार्यों को गति मिलती है। इसलिए उनकी पूजा का खास ध्यान रखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव का जन्म कैसे हुआ, अगर नहीं तो आज हम आपको उनके जन्म से जुड़ी कथा के बारे में बताने वाले हैं।