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Vinayaka Chaturthi 2022: शुभ योग में है विनायक चतुर्थी, इस आरती से बरसेगी भगवान गणेश की कृपा

Mon, 01 Aug 2022 08:56 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ganesh Ji Aarti: कहा जाता है कि विनायक चतुर्थी के दिन पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान गणेश जी की पूजा की जाए तो जीवन की परेशानियों और समस्याओं का अंत हो जाता है। इसके अलावा इस दिन गणेश जी की आरती करने से जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है।
 
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विनायक चतुर्थी पर करें गणेश जी की आरती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ganesha Ji Ki Aarti: 1 अगस्त को सावन माह की विनायक चतुर्थी है।  हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश को सभी देवों में प्रथम पूजनीय माना गया है। यही वजह है कि किसी भी मांगलिक और शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जहां भगवान गणेश का वास होता है, वहां पर रिद्धि, सिद्धि, शुभ और लाभ का वास भी होता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश का पूजन करने से सभी विघ्न और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। गणेश भगवान की पूजा आराधना के लिए चतुर्थी तिथि बेहद उत्तम मानी जाती है। कहा जाता है कि यदि इस दिन पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान गणेश जी की पूजा की जाए तो जीवन की परेशानियों और समस्याओं का अंत हो जाता है। इसके अलावा इस दिन गणेश जी की आरती करने से जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है। यहां गणेश जी की आरती हिंदी में लिखी हुई दी जा रही है, जिसके जरिए आसानी से आप आरती कर सकते हैं...

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भगवान गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे
मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे
संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत
निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो
जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

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