सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है। इसे भगवान शिव का दिन माना जाता है। इसलिए सोमवार के दिन शिव भक्त शिवालयों में जाकर शिव की विशेष पूजा अर्चना करते हैं। इस वर्ष सावन के महीने में चार सोमवार है। पहला सोमवार 9 जुलाई को है, दूसरा 16 को, तीसरा 23 को और चौथा 30 जुलाई को है। इन चारों सोमवार का अपना विशेष महत्व है।
पहला सोमवारः लक्ष्मी की पूजा करें
सावन का पहले सोमवार को सौभाग्य योग बन रहा है। जिससे यह सोमवार सौभाग्य प्रदान करने वाला है। इस दिन भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए इससे घर में धन और ऐश्वर्य की वृद्धि होगी। जो लोग नौकरी में प्रमोशन एवं अच्छी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं उन्हे सावन के प्रथम सोमवार के दिन भोलेनाथ का दूध से अभिषेक करना चाहिए। इस योग शिव की पूजा से आकस्मिक धन लाभ एवं वाहन सुख मिलता है। जो लोग ऋण से मुक्ति पाना चाहते हैं उनके लिए भी यह सोमवार उत्तम है।
दूसरा सोमवारः मिलेगा मनचाहा साथी
सावन का दूसरा सोमवार दो शुभ योगों को साथ लेकर आ रहा है। इस दिन अमृत सिद्धि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि नामक योग बन रहा है। इस योग में शिव की पूजा से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। परिवार में सुख-शांति की वृद्धि के लिए भी यह सोमवार उत्तम है। शास्त्रों के अनुसार इस योग में शिव की पूजा से भाग्योदय होता है और परिश्रम के अनुसार व्यक्ति को अच्छी सफलता मिलती है।
तीसरा सोमवारः शिवलिंग का अभिषेक करें
सावन के तीसरे सोमवार के दिन सौम्य योग बन रहा है। इस योग के कारण सावन का तीसरा सोमवार भी सिद्धिदायक बन गया है। अकाल मृत्यु निवारण एवं घर में सुख शांति के लिए इस दिन शिवलिंग को दही और घी लगाकर गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। उत्तम स्वास्थ्य के लिए इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी लाभप्रद होगा।
चौथा सोमवारः शत्रुओं पर मिलेगी विजय
सावन का चौथा सोमवार प्रदोश व्रत को साथ लेकर आ रहा है। प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए इस सोमवार का और भी महत्व बढ़ गया है। शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में प्रदोष व्रत के दिन खासतौर पर सोमवार भी हो तो शिव की पूजा करने से अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुणा पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन भक्ति पूर्वक शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है। कार्य क्षेत्र एवं जीवन के दूसरे क्षेत्रों में आने वाली बाधाओं का निवारण होता है। जीवन पर आने वाले संकट टल जाते हैं।