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सरयू नदी के तट पर बसी है अयोध्या नगरी, जानिए भगवान राम की जन्मभूमि के बारे में...

Fri, 24 Jul 2020 04:05 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है - फोटो : Social media
5 अगस्त बुधवार के दिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है। काफी लंबे समय के इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। आज हम आपको अयोध्या नगरी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं अयोध्या नगरी के बारे में....
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भगवान राम की जन्मभूमि होने की वजह से अयोध्या नगरी का बहुत अधिक महत्व है - फोटो : social media
भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या का धार्मिक महत्व
  • भगवान राम की जन्मभूमि को स्कंद पुराण में ब्रह्मा, विष्णु और शंकर भगवान की पवित्र स्थली कहा गया है। धार्मिक पुराणों के अनुसार पावन अयोध्या नगरी भगवान विष्णु के सूर्दशन चक्र पर बसी हुई है। भगवान राम की जन्मभूमि होने की वजह से अयोध्या नगरी का बहुत अधिक महत्व है। अयोध्या नगरी को अयोध्या जी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर स्थित सीता कुंड में स्नान करने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और अयोध्या नगरी में स्नान, जप, तप, हवन, दान, दर्शन, ध्यान आदि करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी है - फोटो : Social Media
सरयू नदी के तट पर बसी है अयोध्या
  • भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी है। महिर्षि वाल्मिकि ने भी महाकाव्य रामायण में अयोध्या नगरी को सरयू नदी के तट पर बसी पवित्र और पावन नगरी बताया है। अयोध्या को पवित्र नगरी कहा जाता है। अथर्ववद में अयोध्या को देवताओं का स्वर्ग बताया गया है।

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भगवान राम की पावन अयोध्या नगरी - फोटो : अमर उजाला
महाराज विक्रमादित्य ने बनाएं मंदिर सरोवर और कूप
  • धार्मिक कथाओं के अनुसार एक बार महाराज विक्रमादित्य भ्रमण करते हुए सरयू नदी के किनारे पहुंच गए थे। यहां उन्हें कुछ चमत्कार दिखाई दिए। तब महाराज विक्रमादित्य ने आस- पास के संतों से पुछा कि ये चमत्कार कैसा। महाराज विक्रमादित्य को संतो ने बताया गया है कि ये भूमि भगवान राम की पावन अयोध्या नगरी है, इसलिए यहां आपको चमत्कार दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद महाराज विक्रमादित्य ने अयोध्या में मंदिर, सरोवर, कूप आदि का निर्माण करवाया था।
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भगवान राम के अपने धाम जाने के बाद अयोध्या के कीट पतंग तक भगवान राम के साथ उनके दिव्य धाम चले गए थे - फोटो : डेमो
भगवान राम के पुत्र कुश ने बसाया अयोध्या नगरी को 
  • धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान राम के अपने धाम जाने के बाद अयोध्या के कीट पतंग तक भगवान राम के साथ उनके दिव्य धाम चले गए थे, जिस कारण अयोध्या नगरी वीरान हो गई थी। ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम के पुत्र कुश ने ही भगवान राम का नाम लेकर अयोध्या नगर को दोबारा बसाया था।
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पावन अयोध्या नगरी को साकेत नगरी के नाम से भी जाना जाता है - फोटो : अमर उजाला
प्राचीन सांस्कृतिक सप्तपुरियो में अयोध्या का प्रथम स्थान
  • भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या को भारत की सभी प्राचीन सांस्कृतिक सप्तपुरियो में प्रथम स्थान प्राप्त है और पावन अयोध्या नगरी को साकेत नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
अगली स्लाइड में जानिए अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के बारे में...
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अयोध्या भगवान श्री राम की पवित्र जन्मभूमि है - फोटो : अमर उजाला
  • अयोध्या के प्रमुख मंदिर:
अयोध्या भगवान श्री राम की पवित्र जन्मभूमि है, यहां पर स्थित मंदिर इस नगर की शोभा को बढ़ाते हैं...
  • हनुमानगढ़ी मंदिर
हनुमान जी भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।
  • जैन मंदिर
जैन मंदिर जैन धर्म के अनुयायियों की आस्था का प्रतीक है।
  • कनक भवन
माता सीता और श्री राम के सोने के मुकुट वाली प्रतिमाओं के लिए कनक भवन काफी लोकप्रिय है।
  • राघवजी का मंदिर
अयोध्या नगर में स्थित भगवान श्री राम जी का बहुत ही प्राचीन मंदिर है। भगवान राम के इस मंदिर में भक्तगण सरयू जी में स्नान करने के बाद दर्शन के लिए आते हैं।
  • नागेश्वर नाथ मंदिर
नागेश्वर नाथ मंदिर अयोध्या के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
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