आपने सुना होगा कि पशु-पक्षियों में छठी इंद्रियां होती है। इनसे पशु-पक्षियों को किसी भी घटना का पहले से पता चल जाता है। प्राचीन काल में लोग पशु-पक्षियों की इन्हीं क्षमताओं का इस्तेमाल कर यह जान देश समाज और मौसम का हाल जान लेते थे।
अगर आप भी चाहें तो जीव जंतुओं के लक्षणों को देखकर यह जान सकते हैं कि बरसात कब होनी वाली है?
मकड़ी के इन लक्षणों पर गौर कीजिए
आपने घरों में जाला बनाने वाली मकड़ियों को तो जरूर देखा होगा। इन्हें आप अक्सर जाल के साथ साफ कर देते हैं लेकिन इनके कुछ लक्षणों को देखकर आप जान सकते हैं कि धन लाभ होने वाला है।
ऐसी मान्यता है कि जब तेज बरसात होने वाली होती है तब मकड़ी अपने जाले के बीच में जाकर बैठ जाती है। प्राचीन समय में लोग मकड़ियों को जब इस तरह से बैठा हुआ देखते थे तो अंदाजा लगा लेते थे की मूसलाधार बरसात होने वाली है।
यह जीव तो कमाल की भविष्यवाणी करता है
एक जीव है जोंक यह शरीर में चिपक जाए तो चुपके से खून पीता रहता है। इसलिए इसे इंसान अपना दुश्मन मानता है। यह आमतौर पर नमी वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।
इस जीव की खूबी यह है कि यह मौसम में होने वाले बदलाव को बखूबी जान लेता है। अगर आपको यह जानना है कि यह भविष्यवाणी कैसा करता है तो एक बोतल में भरकर जोंक को उसमें रख दीजिए।
जोंक आसानी से पानी में तैरता रहेगा तो समझ लीजिए मौसम सामान्य रहने वाला है। अगर यह पानी के तल में जाकर बैठ जाता है तो इसका मतलब है तेज बरसात होने वाली है। और अगर यह बीच में बेचैन होकर तैर रहा हो तो इसका मतलब है आंधी तूफान की संभावना है।
तब होगी जमकर बरसात
शकुन शास्त्र में कहा गया है कि अंडा ले चिउंटी चलैं, चिड़ी नहावै धूर। ऊंचे चील उड़ान लैं, तब वर्षा भरपूर। यानी अगर चीटी अपना अंडा लेकर चलती हुई दिख जाए या पक्षी धूल में स्नान करे तो हल्की फुल्की बरसात होती है।
चील अगर आसामन में ऊंचाई पर उड़े तब भी थोड़ी बरसात होती है। लेकिन तीनों घटनाएं हो रही हों तब यह संकेत है कि मूसलाधार बरसात होने वाली है।