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paush putrada ekadashi 2021- इस व्रत को करने से होती है संतान प्राप्ति, जानिए कथा

Thu, 14 Jan 2021 03:36 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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पुत्रदा एकादशी 2021(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
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पौष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पौष पुत्रदा एकदशी कहा जाता है। इस बार पुत्रदा एकादशी का व्रत 24 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु का पूजन किया जाता है। निसंतान दंपतियों के लिए पौष पुत्रदा एकादशी व्रत बहुत ही शुभ फल प्रदान करने वाला है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है। इसलिए इस व्रत का नाम पुत्रदा एकादशी है। इस एकादशी का व्रत सच्ची निष्ठा और नियमों के साथ करने से संतान प्राप्ति और संतान की उन्नति होती है। भगवान विष्णु आपकी संतान की रक्षा करते हैं। पुत्रदा एकादशी व्रत कथा का भी बहुत माहतम्य है। माना जाता है कि इस व्रत की कथा पढ़ने और श्रवण करने से व्यक्ति को संतान प्राप्ति के साथ सभी सुखों की प्राप्ति होती है। जानते हैं पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा...

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पुत्रदा एकादशी पौराणिक कथा
बहुत समय पहले भद्रावती नगर में सुकेतु नामक राजा राज्य किया करते थे। उसकी पत्नी का नाम शैव्या था। शादी के कई वर्ष हो जाने के पश्चात भी उनकी कोई संतान नहीं थी। जिसके कारण वे दोनों पति-पत्नी बहुत दुःखी रहते थे। इसी व्यथा के कारण एक दिन राजा और रानी मंत्री को राजपाठ सौंपकर वन को चले गये। इस दौरान संतान दुख के कारण उनके मन में आत्महत्या करने का विचार आया, लेकिन उसी समय राजा को यह बोध हुआ कि आत्महत्या से बढ़कर कोई पाप नहीं है।
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वहीं पर अचानक उन्हें वेद पाठ के स्वर सुनाई दिये, जिस दिशा से वेद पाठ की ध्वनि आ रही थी, वे उसी दिशा में बढ़ते चलें गए। जब वे साधुओं के पास पहुंचे तो उन्होंने अपनी सारी व्यथा उन्हें सुनाई। जिसके बाद साधुओं ने उन्हें पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के महत्व को समझाया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी ने पूरी निष्ठा और नियम के साथ पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत किया। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें संतान की प्राप्ति हुई। इसलिए निःसंतान दंपतियों के लिए यह व्रत बहुत ही शुभ माना जाता है।
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