आज (14 सितंबर 2024) परिवर्तनी एकादशी है जिसे वामन एकादशी या पद्मा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हुए अपनी करवट बदलते हैं। यह करवट बदलने का समय अत्यधिक पवित्र होता है और इसी कारण से इसे परिवर्तनी एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
परिवर्तनी एकादशी पर क्या करें- इस दिन व्रत रखना अत्यंत पुण्यदायी होता है। इसे निर्जला या फलाहारी व्रत के रूप में रखा जा सकता है।
भगवान विष्णु की पूजा- इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करें। भगवान विष्णु को चंदन, पुष्प, अक्षत, तुलसी पत्र,पंचामृत अर्पित करें और धूप-दीप से आरती करें।
दान और सेवा- इस दिन गरीबों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
विष्णु सहस्रनाम और मंत्र जाप- भगवान विष्णु की स्तुति में विष्णु सहस्रनाम और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है।
रात्रि जागरण-रात भर जागकर भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करना और उनकी कथा सुनना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
परिवर्तनी एकादशी पर क्या न करें
तामसिक भोजन न करें- मांस, शराब, लहसुन, प्याज आदि तामसिक चीजों का सेवन पूरी तरह से वर्जित है।
क्रोध और हिंसा से बचें- इस दिन क्रोध, अहंकार और हिंसा से दूर रहें।
झूठ बोलने से बचें- इस पवित्र दिन झूठ बोलना और छल-कपट करने से व्रत का प्रभाव कम हो सकता है।
दूसरों का अपमान न करें-किसी का अपमान या बुरा व्यवहार न करें। यह पुण्य को नष्ट कर सकता है।
सुख-समृद्धि के लिए भगवान विष्णु के मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय- यह भगवान विष्णु का सबसे प्रमुख मंत्र है। इसे जपने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
ॐ विष्णवे नमः-इस मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा से सारे संकट दूर होते हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
ॐ वासुदेवाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु: प्रचोदयात्- यह विष्णु गायत्री मंत्र है। इसे जपने से जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि आती है।
ॐ लक्ष्मीपतये नमः- भगवान विष्णु लक्ष्मीपति हैं, इस मंत्र का जाप करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
ॐ विष्णवे नमः- यह एक सरल और प्रभावशाली मंत्र है, जिसका जाप भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसे निरंतर जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
इन मंत्रों का जाप परिवर्तनी एकादशी के दिन करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता मिलती है।