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Parama Ekadashi 2020 Date: कब है परम एकादशी, जानें तारीख, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Thu, 24 Sep 2020 07:42 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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परमा एकादशी 2020 - फोटो : अमर उजाला
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Parama Ekadashi 2020: परम एकादशी व्रत अधिक मास में रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस एकादशी व्रत को करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और इसके साथ ही दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति भी होती है। इस एकादशी में स्वर्ण दान, विद्या दान, अन्न दान, भूमि दान और गौदान करना चाहिए। आइए जानते हैं परमा एकादशी व्रत कब है, इसका मुहूर्त और महत्व क्या है।

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कब है परम एकादशी व्रत (Parama Ekadashi 2020 Date)
परम एकादशी व्रत अधिक मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल यह तिथि 13 अक्टूबर मंगलवार के दिन पड़ रही है। 

परम एकादशी व्रत मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ: 04 बजकर 38 मिनट से (12 अक्टूबर 2020)
एकादशी तिथि समाप्त: दोपहर 02 बजकर 35 मिनट तक (13 अक्टूबर 2020)
परम एकादशी पारणा मुहूर्त: 06:21:33 से 08:39:39 तक (14 अक्टूबर 2020)
अवधि: 2 घंटे 18 मिनट

परमा एकादशी व्रत विधि - फोटो : सोशल मीडिया
परम एकादशी व्रत विधि (Parma Ekadashi vrat vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। 
इसके बाद अपने पितरों का श्राद्ध करें। 
भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करें। 
ब्राह्मण को फलाहार का भोजन करवायें और उन्हें दक्षिणा दें। 
इस दिन परमा एकादशी व्रत कथा सुनें।
एकादशी व्रत द्वादशी के दिन पारण मुहूर्त में खोलें।

परम एकादशी व्रत कथा
प्राचीन काल में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण रहता था। उसकी स्त्री का नाम पवित्रा था। वह परम सती और साध्वी थी। वे दरिद्रता और निर्धनता में जीवन निर्वाह करते हुए भी परम धार्मिक थे और अतिथि सेवा में तत्पर रहते थे। एक दिन गरीबी से दुखी होकर ब्राह्मण ने परदेश जाने का विचार किया, किंतु उसकी पत्नी ने कहा- ‘’स्वामी धन और संतान पूर्वजन्म के दान से ही प्राप्त होते हैं, अत: आप इसके लिए चिंता ना करें।’’

एक दिन महर्षि कौडिन्य उनके घर आए। ब्राह्मण दंपति ने तन-मन से उनकी सेवा की। महर्षि ने उनकी दशा देखकर उन्हें परमा एकादशी का व्रत करने को कहा। उन्होंने कहा- ‘’दरिद्रता को दूर करने का सुगम उपाय यही है कि, तुम दोनों मिलकर अधिक मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत तथा रात्रि जागरण करो। इस एकादशी के व्रत से यक्षराज कुबेर धनाधीश बना है, हरिशचंद्र राजा हुआ है।’’

ऐसा कहकर मुनि चले गए और सुमेधा ने पत्नी सहित व्रत किया। प्रात: काल एक राजकुमार घोड़े पर चढ़कर आया और उसने सुमेधा को सर्व साधन, संपन्न, सर्व सुख समृद्ध कर एक अच्छा घर रहने को दिया। इसके बाद उनके समस्त दुख दर्द दूर हो गए।
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एकादशी तिथियां 2020 - फोटो : SELF
आने वाली एकादशी की तारीखें
पापांकुशा एकादशी - 27 अक्टूबर 2020
रमा एकादशी - 11 नवंबर 2020
देव उठनी एकादशी - 25 नवंबर 2020
उत्पन्ना एकादशी - 11 दिसंबर 2020
मोक्षदा एकादशी - 25 दिसंबर 2020
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