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November Pradosh Vrat: सिद्धि योग और रेवती नक्षत्र में बुध प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Wed, 13 Nov 2024 07:46 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budh Pradosh Vrat Puja Time 2024: कार्तिक मास का दूसरा प्रदोष व्रत कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाया जाता है। इस बार बुध प्रदोष के व्रत पूजन के लिए मेरे पास 2 घंटे 39 मिनट का शुभ समय है ।
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इस बार बुध प्रदोष के व्रत पूजन के लिए मेरे पास 2 घंटे 39 मिनट का शुभ समय है । - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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November Pradosh Vrat 2024 Muhurat: कार्तिक मास का दूसरा प्रदोष व्रत कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाया जाता है। इस बार बुध प्रदोष व्रत के दिन सिद्धि योग और रेवती नक्षत्र का संयोग बना है। प्रदोष काल में इस दिन भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। प्रदोष में व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से परेशानियां, रोग, दोष आदि दूर हो जाते हैं। भगवान शिव की कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस बार बुध प्रदोष के व्रत पूजन के लिए पास 2 घंटे 39 मिनट का शुभ समय है । आइए जानते हैं बुध प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त और महत्त्व के बारे में। 
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बुध प्रदोष व्रत 2024  तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि 13 नवंबर, बुधवार को दोपहर 1:01 बजे शुरू हो रही है। यह तिथि गुरुवार 14 नवंबर को सुबह 9:43 बजे तक मान्य है। 13 नवंबर को पूजा मुहूर्त के अनुसार बुध प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

बुध प्रदोष व्रत 2024 मुहूर्त
13 नवंबर को शिव पूजा का शुभ मुहूर्त: सायं 05: 28 मिनट  से रात्रि 08:07 मिनट तक है। व्रत करने वालों को इस दौरान विधिपूर्वक शिव की पूजा करनी चाहिए। प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम के समय ही की जाती है।
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प्रदोष व्रत के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा. फिर प्रदोष काल प्रारंभ हो जाता है। बुध प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त  प्रातः 4:56 बजे से प्रातः 5:49 बजे तक रहेगा। उस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है। प्रदोष व्रत का निशिता मुहूर्त रात 11:39 बजे से देर रात 12:32 बजे तक है।

सिद्धि योग में बुध प्रदोष व्रत 2024
इस बार बुध प्रदोष के दिन वज्र योग रहेगा,दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से सिद्धि योग लगेगा।  शिव पूजा के दौरान भी सिद्धि योग रहेगा। व्रत के दिन रेवती नक्षत्र सुबह से अगले दिन 14 नवंबर को तड़के सुबह 3:11 बजे तक रहेगा। कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि में रवि योग 14 नवंबर को दोपहर 3:11 से शाम 6:43 तक रहेगा।

बुध प्रदोष व्रत पंचक और राहुकाल समय 
प्रदोष व्रत वाले दिन पंचक लगेगा जो सुबह 6:42 बजे से अगले दिन तड़के 3:11 बजे तक  है। प्रदोष व्रत के दिन राहुकाल दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 1:26 बजे तक रहेगा।

बुध प्रदोष पर रुद्राभिषेक का समय 
प्रदोष के दिन कैलाश पर शिववास दोपहर 1:01 बजे तक है, उसके बाद शिववास नंदी पर होगा। वैसे भी प्रदोष और शिवरात्रि का दिन रुद्राभिषेक के लिए शुभ माना जाता है। रुद्राभिषेक करने से दुःख  दूर होते हैं , सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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