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Nirjala ekadashi 2021: इस दिन है तन-मन को निर्मल करने वाली निर्जला एकादशी, यह दान करने से पूर्ण होंगी सभी मनोकामनाएं

Sat, 19 Jun 2021 02:40 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

  • निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर की एकादशियों का पुण्यफल प्राप्त हो जाता है।
  • इस दिन जल और शीतल पेय का दान करना बहुत ही शुभफलदायी रहता है।
  • निर्जला एकादशी पर तुलसी पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 
  • निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकदाशी के नाम से भी जाना जाता है।
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निर्जला एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
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विस्तार
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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत के सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। प्रत्येक माह में दोनों पक्षों की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करने का विधान है। धर्म शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण होती है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 21 जून 2021 दिन सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन भक्त पूरे दिन और अगले दिन द्वादशी तक जल की एक बूंद ग्रहण किये बिना व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत करने के वर्ष भर की सभी एकादशियों का पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। यह बात स्वयं ऋषि वेदव्यास ने महाबली पांडव भीम को बताई थी, इसलिए इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। इस व्रत को करने से सभी एकादशियों का फल तो प्राप्त होता ही है साथ ही में मनुष्य को सुख यश की प्राप्ति भी होती है। मनुष्य इस लोक के बाद जन्म-मरण के चक्र के मुक्ति पाकर मोक्ष को प्राप्त करता है। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इससे मनुष्य की सभी मनोकानाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्घि की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं एकदाशी के दिन क्या दान करना चाहिए।

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निर्जला एकादशी 2021 पर करें जल का दान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इन चीजों को दान करने से पूरी होती मनोकामना
निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। इस समय ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर होती है, इसलिए इस समय जल का बहुत महत्व माना जाता है। ज्येष्ठ एकादशी के विषय में कहा जाता है कि जो मनुष्य इस दिन स्वयं निर्जल रहकर किसी को जल का भरा हुआ घड़ा दान करता है उसके जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती है। उसे सुख, यश और समृद्धि प्राप्त होती है। निर्जला एकदाशी को शीतलता प्रदान करने वाली चीजों शरबत आदि दान करना चाहिए। इससे आपको पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

निर्जला एकादशी दान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जूतों का दान
ज्येष्ठ मास में गर्मी के कारण धरती अत्यधिक तपने लगती है। निर्जला एकदाशी के दिन किसी जरुरतमंद व्यक्ति को जूतो का दान करना चाहिए। इसके अलावा जरुरतमंदों और ब्राह्मणों को अन्नदान, बिस्तर, वस्त्र और छाता आदि दान करना बहुत ही शुभफलदायी रहता है।
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Tulsi pujan
दान के अलावा इस दिन है तुलसी पूजन का विशेष महत्व
तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय हैं इसलिए उन्हें हरिवल्लभा भी कहा जाता है। निर्जला एकादशी के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन तुलसी के पौधे के पास दीपक प्रज्वलित कर पूजन करना चाहिए। मान्यता है इससे आपके घर में धन, यश और वैभव बना रहता है। आपको भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
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