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इन 7 लोगों को कभी नहीं छूने दें अपना पैर, वरना आ सकती है कंगाली

Sun, 19 May 2024 05:24 PM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

हिंदू धर्म में पैर छूने का इतना महत्व है कि हमारे यहां मां और गुरु के चरण स्पर्श को उनके प्रति आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माना गया है। पैर छूने की प्रक्रिया जितनी आस्था और विश्वास से जुड़ी हुई है उतनी ही हिंदू धर्म के मान्यताओं से भी जुड़ी हुई है। 
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चरण स्पर्श - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय संस्कृति में अपने से किसी भी बड़ों का पैर छूना बहुत अच्छा माना जाता है। पैर छूना सिर्फ एक क्रिया नहीं है बल्कि एक पूरा कर्म विधान है। इससे विनम्रता का भाव भी झलकता है। चरण स्पर्श का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। हिंदू धर्म में पैर छूने का इतना महत्व है कि हमारे यहां मां और गुरु के चरण स्पर्श को उनके प्रति आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माना गया है। पैर छूने की प्रक्रिया जितनी आस्था और विश्वास से जुड़ी हुई है उतनी ही हिंदू धर्म के मान्यताओं से भी जुड़ी हुई है। हिंदू धर्म के अनुसार 7 लोगों को कभी भी अपना पैर नहीं छूने देना चाहिए। इससे दरिद्रता बढ़ती है, इसलिए इसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। 

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श्मशान घाट से लौटते हुए व्यक्ति
हिंदू धर्म यह माना जाता है कि श्मशान घाट से आए हुए व्यक्ति को किसी को भी अपना पैर नहीं छूने देना चाहिए। भले ही पैर छूने वाला इंसान आपसे बहुत छोटा हो या आपसे नीचे पद पर काम करता हो। ऐसा करने से खुद का नुकसान होता है। शास्त्रों में भी अंतिम संस्कार से लौटने पर व्यक्ति के पैर छूना अशुभ माना जाता है। 

कुंवारी कन्या
हिंदू धर्म में, मान्यता है कि कुंवारी कन्या को अपना पांव नहीं छूने देना चाहिए। अगर कुंवारी कन्या आपका पैर छू रही है या पैर छूने आए तो उसे रोक दिया करें। अगर कोई कुंवारी कन्या आपके पैर छूती है तो आप पाप के भागी बन सकते हैं। 
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मंदिर में किसी और के पैर
मंदिर को देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। यह माना जाता है कि मंदिर में किसी और के पैरों को छूने से मंदिर की पवित्रता भंग हो सकती है और हमें देवी-देवताओं का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। इसलिए अगर मंदिर परिसर में कोई आपका पैर छूता है तो उन्हें रोक देना चाहिए। क्योंकि मंदिर भगवान का स्थान होता है और उस परिसर में किसी और का पांव छूना उसका अपमान माना जाता है। 

पूजा कर रहे व्यक्ति के पैर
जब कोई व्यक्ति पूजा कर रहा होता है, तो उस समय वह देवी-देवताओं से जुड़ा होता है। ऐसे समय में किसी भी इंसान को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि कोई उनका पैर न छुए। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि पूजा करते समय किसी भी व्यक्ति का पैर छून से पूजा सफल नहीं होती है और पूजा में बाधा आती है। 

सो रहे इंसान के पैर न छुएं
हिंदू धर्म में अपने बड़ों के चरण स्पर्श का विधान है। लेकिन, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि, किसी भी सोते हुए व्यक्ति के चरण न छुएं। शास्त्रों के अनुसार लेटे हुए व्यक्ति के पैर केवल एक ही स्थिति में स्पर्श किए जा सकते हैं, जब उसकी मृत्यु हो चुकी हो।

भांजा-भांजी को पैर नहीं छूने देना चाहिए
हिन्दू धर्म के अनुसार भांजा या भांजी मान माने जाते हैं यानी वो सम्मान के पात्र होते हैं इसीलिए कभी भी उन्हें मामा मामी के पैर नहीं छूने चाहिए।

बेटियों को पैर न छूने दें
घर की बेटियों को देवी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए हिन्दू धर्म की मान्यताओं के आधार पर बेटियों या कन्याओं को पैर नहीं छूने देने चाहिए।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।  

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