सनातन धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। मंत्र जाप का केवल आध्यात्मिक या धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्य भी होता है। जब हम मंत्रों का जाप करते हैं तो लय बद्ध होकर स्वरों का उच्चारण करते हैं जिससे एक तरह का कंपन उत्पन्न होता है, जिसके द्वारा हमारे चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो हमारे शरीर और मस्तिष्क दोनों पर प्रभाव डालता है। जिससे हमारी मानिसक और शारीरिक शक्ति मजबूत होती है। आगे पढ़िए मां के प्रभावी मंत्र..
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
बीज मंत्र:- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।