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Navratri 2024 Hawan: नवरात्रि पर हवन के बिना अधूरी है अष्टमी-नवमी की पूजा, जानिए हवन करने का महत्व और लाभ

Sat, 05 Oct 2024 02:03 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना का पवित्र पर्व है, जिसमें भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। हवन इन अनुष्ठानों में सबसे प्रमुख होता है।
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हिंदू धर्म में हवन का महत्व - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Navratri 2024 Hawan: नवरात्रि के दिनों में हवन का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना का पवित्र पर्व है, जिसमें भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। हवन इन अनुष्ठानों में सबसे प्रमुख होता है, जो न केवल देवी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम है बल्कि आत्मा की शुद्धि और वातावरण को सकारात्मक बनाने का भी एक पवित्र कर्म माना जाता है। नवरात्रि का यह अनुष्ठान जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लाने का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।

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1. हवन का धार्मिक महत्व
हवन भारतीय धार्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्राचीन वैदिक काल से चली आ रही है। नवरात्रि के दौरान हवन का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह अनुष्ठान देवी दुर्गा की आराधना का एक माध्यम है। हवन में अग्नि के माध्यम से देवी को आहुति अर्पित की जाती है, जो भक्त की भावनाओं और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से ईश्वर तक पहुंचाने का एक माध्यम है। माना जाता है कि हवन करने से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को उनके आशीर्वाद से हर प्रकार की विपत्तियों से मुक्ति मिलती है।

2. आत्मिक शुद्धि का साधन
हवन का एक और प्रमुख उद्देश्य आत्मा और मन की शुद्धि है। नवरात्रि के दिनों में जब भक्त उपवास और साधना में लीन रहते हैं, हवन उनके आत्मिक शुद्धिकरण का एक साधन बनता है। हवन में दी जाने वाली आहुतियों और मंत्रों के उच्चारण से एक विशेष ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो मानसिक शांति और ध्यान को प्रगाढ़ बनाती है। यह साधना और तपस्या का एक अहम हिस्सा है, जिससे भक्त की आध्यात्मिक यात्रा में प्रगति होती है।
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3. पर्यावरण शुद्धि
हवन न केवल व्यक्ति विशेष के लिए बल्कि वातावरण के लिए भी शुद्धिकरण का कार्य करता है। नवरात्रि के दौरान हवन में जो विशेष प्रकार की सामग्री डाली जाती है, जैसे-गाय का घी, हवन कुंड की लकड़ी, चंदन, गुग्गल, लोबान इत्यादि, उनसे उत्पन्न धुआं वातावरण को शुद्ध करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हवन के धुएं से वातावरण में उपस्थित हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं और हवा में स्वच्छता आती है। यह शुद्ध वातावरण सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे नकारात्मकता का नाश होता है।

4. सकारात्मक ऊर्जा का संचार
नवरात्रि के दौरान हवन करना सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह का स्रोत माना जाता है। हवन में जलाए जाने वाली सामग्री और मंत्रों के सामूहिक प्रभाव से एक सकारात्मक वायुमंडल का निर्माण होता है, जिससे भक्तों को मानसिक और भावनात्मक शांति मिलती है। यह ऊर्जा न केवल घर के वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी भक्तों को नई शक्ति और उत्साह प्रदान करती है।

5. कर्मों का शोधन
हवन कर्मों के शोधन का भी एक प्रतीकात्मक तरीका है। नवरात्रि के समय भक्त अपनी आहुतियों के माध्यम से अपने पापों और नकारात्मक कर्मों का परित्याग करते हैं और देवी से उनके क्षमादान की प्रार्थना करते हैं। इस प्रकार, हवन के द्वारा जीवन में शुद्धता और सकारात्मकता का आगमन होता है।
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