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Chhoti Diwali Par Hanuman Puja: आज काली चौदस की रात जरूर करें हनुमान जी की पूजा, जानें धार्मिक महत्व

Wed, 30 Oct 2024 10:59 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kali Chaudas: धार्मिक मान्यता के अनुसार काली चौदस या चतुर्दशी की रात हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।  इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से न केवल बुरी शक्तियां दूर होती हैं बल्कि व्यक्ति को शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।
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काली चौदस या चतुर्दशी की रात हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Kali Chaudas Par Hanuman Puja: आज पूरे देश में छोटी दीवाली का पर्व  मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन छोटी दीवाली मनाई जाती है। इस दिन को काली चौदस, रूप चौदस, नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है।  धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध करके सोलह हज़ार स्त्रियों को मुक्त कराया था।  
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धार्मिक मान्यता के अनुसार काली चौदस या चतुर्दशी की रात हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।  इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से न केवल बुरी शक्तियां दूर होती हैं बल्कि व्यक्ति को शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। छोटी दिवाली की रात को घर की सफाई करना शुभ माना जाता है। इन त्योहारों के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। दीपावली से एक दिन पहले आने वाली काली चौदस की रात का भी विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने का विशेष महत्व है। 


 

बजरंगबली की पूजा करने से  सभी तरह के संकटों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। - फोटो : अमर उजाला
क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा?

माना जाता है कि नरक चतुर्दशी या काली चौदस की रात नकारात्मक ऊर्जाएं अधिक सक्रिय होती हैं। इसलिए बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए हनुमान जी की शरण ली जाती है। हनुमान जी को संकट मोचन के रूप में भी  जाना जाता है। बजरंगबली की पूजा करने से  सभी तरह के संकटों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति में शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती आती है।  
काली चौदस के दिन हनुमान जी की पूजा के पीछे भी एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार जब भगवान राम अपने चौदह वर्षीय वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, तब उन्होंने हनुमान जी को वरदान दिया था कि उनसे पहले हनुमान जी की पूजा की जाएगी। इसीलिए दीवाली से एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा की जाती है। 
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काली चौदस की रात हनुमान जी की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।  - फोटो : instagram
काली चौदस की रात हनुमान जी की पूजा करने की विधि 
  • काली चौदस के दिन नित्य कर्मों से निवृत होकर स्नान कर लें। 
  • इसके बाद साफ़ सुथरे वस्त्र धारण कर लें। 
  • अब एक चौकी में लाल रंग का कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति रख लें। 
  • अब सबसे पहले पुष्प की मदद से जल से आचमन करें। 
  • इसके बाद अनामिका उंगली से हनुमान जी को रोली, कुमकुम आदि लगाएं। 
  • इसके बाद फूल माला आदि अर्पित करें। 
  • अब बूंदी के लड्डू या किसी अन्य मिठाई का भोग लगाएं। 
  • अब घी का दीपक और धुप जलाने के साथ विधिवत हनुमान चालीसा और मंत्र का पाठ करें। 
  • अंत में आरती करें । 
  • काली चौदस की रात हनुमान जी की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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