मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2020
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पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि
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पूर्णिमा तिथि का महत्व
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पूर्णिमा तिथि का महत्व
मार्गशीष की पूर्णिमा तिथि पर स्नान और दान करने से अन्य पूर्णिमा तिथियों की तुलना में 32 गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर तुलसी की जड़ की रज से पवित्र नदी, सरोवर में स्नान करने से भगवान श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा व कथा करवाना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सत्यनारायण की कथा परम फलदायी बताई गई है। पूर्णिमा तिथि के दिन शिव जी और चंद्रमा की पूजा करने का भी विशेष महत्व होता है।
ज्योतिष शास्त्र में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
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ज्योतिष शास्त्र में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
ज्योतिष विज्ञान के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि बेहद महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा ठीक आमने-सामने होते हैं। इसी दिन चंद्रमा का प्रभाव मनुष्य पर सबसे अधिक होता है। शास्त्रों में चंद्रमा को मन का कारक बताया गया है। इसलिए इस दिन व्यक्ति को चंद्र ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए।