मंगला गौरी व्रत आज, आरती सहित करें मां पार्वती की आराधना
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Mangla Gauri Aarti: सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार का जितना महत्व है, उतना ही सावन में पड़ने वाले मंगलवार का भी महत्व है। मंगलवार का दिन देवी पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। इस साल सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत 26 जुलाई को पड़ रहा है। इसी दिन सावन माह की शिवरात्रि भी है। ऐसे में इस व्रत का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से मां पार्वती के साथ महादेव का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। मुख्य रूप से मंगला गौरी व्रत अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखा जाता है। इसलिए विवाहित महिलाएं सावन में इस व्रत को विधि-विधान के साथ रखती हैं। मां पार्वती के समक्ष दीपक प्रज्वलित कर धूप, नैवेद्य फल-फूल आदि से मां गौरी की पूजा की जाती है। साथ ही पूजा के अंत में मां गौरी की आरती कर प्रसाद बांटा जाता है। मान्यता है कि मंगला गौरी की आरती गाने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मंगला गौरी आरती इस प्रकार है-
मंगला गौरी आरती
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता
ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल दाता। जय मंगला गौरी...।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता,
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता। जय मंगला गौरी...।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है,
साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था। जय मंगला गौरी...।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता,
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता। जय मंगला गौरी...।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता,
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता। जय मंगला गौरी...।
सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराताए
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता। जय मंगला गौरी...।
देवन अरज करत हम चित को लाता,
गावत दे दे ताली मन में रंगराता। जय मंगला गौरी...।
मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता
सदा सुख संपति पाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।