Mangalvar Vrat And Puja Vidhi: कलयुग में सात चिरंजीवियों में भगवान हनुमान की साधना सबसे अधिक की जाती है। देश का शायद ही ऐसा कोई कोना होगा जहां पर प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान की पूजा नहीं की जाती होगी। हनुमान जी संकट मोचन कहे जाते हैं। ये सभी देवतओं में जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं। हनमान जी का नाम मात्र लेने से बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं और बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं। हनुमान जी इतने शक्तिशाली देवता मानें जाते हैं कि इनके सामने कोई भी नकारात्मक शक्ति टिक नहीं पाती है, इसलिए बजरंगबली के भक्त उन्हें प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए मगंलवार का व्रत रखते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं मंगलवार व्रत की पूजा विधि और महत्व के बारे में...
मंगलवार व्रत और पूजा विधि
- यदि आप मंगलवार का व्रत शुरू करने की सोच रहे हैं तो कम से कम 21 मंगलवार तक नियमित रूप से इस व्रत को पूरा करें।
- व्रत वाले दिन स्नान करके घर के ईशान कोण में किसी साफ जगह पर बैठकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- इस दिन लाल कपड़े पहनें और हाथ में पानी ले कर व्रत का संकल्प करें।
- हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान पर फूल फूल चढ़ाएं।
- फिर मंगलवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें। इसके बाद हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करें।
- भगवान को गुड़ चने का भोग लगाकर उनकी आरती करें। दिन में सिर्फ एक बार भोजन लें।
- अपने आचार-विचार शुद्ध रखें। शाम को हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर आरती करें।
मंगलवार व्रत के लाभ
- मंगलवार व्रत से हनुमान जी की कृपा बनी रहती है।
- ये व्रत सम्मान, बल और साहस को बढ़ाता है।
- होनहार और भाग्यशाली संतान प्राप्ति के लिए भी मंगलवार का व्रत बहुत लाभकारी माना जाता है।
- इस व्रत के प्रभाव से भूत-प्रेत और काली शक्तियों से बचा जा सकता है।
- इसके अलावा यदि आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है और शुभ फल नहीं दे रहा है, तो मंगलवार के दिन जरूर व्रत करना चाहिए।
- जिन लोगों पर मंगल की महादशा चल रही हो उन्हें इस व्रत से लाभ मिलता है।
मंगलवार व्रत के उद्यापन की विधि
21 मंगलवार तक विधि पूर्वक व्रत रखने के बाद हनुमान जी का पूजन करके उन्हें चोला चढ़ाएं। फिर 21 ब्राह्मणों को बुलाकर उन्हें भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा दें। साथ ही व्रत के दौरान हुई भूल चूक के लिए माफी मांगें।