जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करता है तो उसे संक्रांति कहते हैं। इसी तरह से जब सूर्य धनु राशि से मकर में संक्रांति करता है तो उसे मकर संक्रांति कहा जाता है। हर वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन से छह माह के लिए सूर्य उत्तरायण होता है। इसलिए इसे उत्तरायण पर्व भी कहते हैं। इस दिन किए गए दान का कई गुना ज्यादा पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन से खरमास भी समाप्त हो जाते हैं और मांगलिक कार्यों की शुरूआत होती है। मकर संक्रांति के दिन कई कार्यों को करना बहुत शुभ माना जाता है तो वहीं कुछ कार्यों को इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन क्या करें और क्या न करें।