भोलेनाथ की पूजा का सबसे खास दिन महाशिवरात्रि के बस कुछ ही दिन बचे हुए हैं। इस अवसर पर शिव जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त भांग धतूरा भी चढ़ाते हुए दिख जाएंगे। लेकिन कभी सोचा है भगवान शिव को ऐसी नशीली चीजें क्यों अच्छी लगती है।
इसके पीछे पुराणों में जहां धार्मिक कारण बताया गया है वहीं इसका वैज्ञानिक आधार भी है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो भगवान शिव को कैलाश पर्वत पर रहने वाला बताया गया है।
यह अत्यंत ठंडा प्रदेश है जहां ऐसे आहार और औषधि की जरुरत होती है जो शरीर को गर्माहट प्रदान करे। वैज्ञानिक दृष्टि से भांग और धतूरा सीमित मात्रा में लिया जाए तो औषधि का काम करता है और शरीर को अंदर से गर्म रखता है।
शिव जी के भंग खाने का धार्मिक कारण
जबकि धार्मिक दृष्टि से इसका कारण देवी भागवत पुराण में बतया गया है। इस पुराण के अनुसार शिव जी ने जब सागर मंथन से निकले हालाहल विष को पी लिया तब वह व्याकुल होने लगे।
तब अश्विनी कुमारों ने भांग, धतूरा, बेल आदि औषधियों से शिव जी की व्याकुलता दूर की। उस समय से ही शिव जी को भांग धतूरा प्रिय है। जो भी भक्त शिव जी को भांग धतूरा अर्पित करता है, शिव जी उस पर प्रसन्न होते हैं।