Rudrashtakam Stotram Path on Mahashivratri 2023: हिंदू-देवी देवताओं में भगवान शिव शंकर को सबसे सर्वोच्च माना गया है। इनकी पूजा-आराधना करने से भक्तों के जीवन में कभी किसी भी प्रकार के सुखों की कमी नहीं रहती है। शिव जी को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन शिव भक्त भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं। वहीं यदि आप शिव जी को जल्द प्रसन्न करना चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन 'श्री शिव रूद्राष्टकम' का पाठ करें। 'शिव रुद्राष्टकम' अपने-आप में अद्भुत स्तुति है। इसके पाठ से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। यहां श्री शिव रूद्राष्टकम स्तुति, इसका हिंदी अर्थ और महत्व दिए जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप इसका पाठ कर सकते हैं...
श्री शिव रुद्राष्टकम पाठ का महत्व और जाप विधि
यदि आप शत्रु से परेशान हैं तो शिवरात्रि के दिन किसी शिव मंदिर या घर में ही कुशा के आसन पर बैठकर 'रुद्राष्टकम' स्तुति का पाठ करें। ऐसा करने से शिव जी बड़े से बड़े शत्रुओं का नाश पल भर में करते हैं। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने भी अपने सबसे बड़े शत्रु रावण पर विजय पाने के लिए रामेशवरम में शिवलिंग की स्थापना कर रूद्राष्टकम स्तुति का पाठ किया था, जिसके परिणाम स्वरूप शिव की कृपा से रावण पर उन्होंने विजय प्राप्त कर ली थी।