‘शिवो भूत्वा शिवं यजेत्’, अर्थात शिव होकर शिव की उपासना करनी चाहिए। भगवान शिव की पूजा-साधना से एक ध्वनि गूंजती है- 'सबका कल्याण हो'। भगवान शिव ऐसे देव हैं, जो सामान्य पूजा से भी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही इतने भोले भी कि उनकी आराधना शीघ्र ही व्यक्ति के भाग्य को पलट दे। शुभ चिंतन और सावधानीपूर्वक महाशिवरात्रि व्रत का पालन किया जाए, तो एक ही रात में मानव शिवत्व को प्राप्त कर सकता है। जो महिला संतान-सुख की कामना से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करे, उसे संतान अवश्य प्राप्त होती है, क्योंकि शिव संतान प्रदान करने वाले देवता हैं। भगवान शिव संपूर्ण स्वरूप हैं, इसलिए उनकी आराधना जीवन पर्यंत की जाती है। महाशिवरात्रि पर उनकी आराधना से सभी कामनाएं पूरी हो जाती हैं और दुखों-कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।