हर वर्ष माघ और आषाढ़ माह में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। साधारण जन को इसके बारे में कम ही ज्ञात होता है। ये दिन मां आदिशक्ति की महाविद्याओं की उपासना करने के होते हैं। इस बार माघ गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार से आरंभ हो रही हैं। गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक पूजा की जाती है, वैसे तो साधारण जन इस नवरात्रि में पूजन नहीं करते हैं फिर भी इस समय विशेष बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। इन नौं दिनों में कुछ कार्य वर्जित होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि कौन से हैं वे कार्य....
- चाहे आप गुप्त नवरात्रि में पूजन व्रत करें या करें, लेकिन इन नौं दिनों तक मांस-मछली-मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए।
- मां आदिशक्ति एक नारी हैं, यह उनकी उपासना यानि शक्ति की पूजा का पर्व है। इन नौं दिनों में या अन्य दिनों में भी किसी नारी का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- गुप्त नवरात्रि के नौं दिनों तक घर में शांति बनाए रखना चाहिए। इन नौं दिनों के दौरान घर में और आस-पास किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग या वाद-विवाद नहीं करना चाहिए।
- शांति, श्रद्धा एवं प्रेम के साथ की गई पूजा को ही मां स्वीकार करती हैं। इसलिए मन में सात्विकता का भाव बनाकर रखना चाहिए। द्वेष,छल कपट से दूर रहें।
- गुप्त नवरात्रि के दौरान काले रंग के वस्त्र और चमड़े की बनी चीजों जैसे बैल्ट, पर्स आदि का प्रयोग न करें।
- नवरात्रि के दौरान या अन्य दिनों में मूक और बेबस पशु-पक्षियों को बिलकुल भी नहीं सताना चाहिए।
- गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक पूजा की जाती है इसलिए यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र के लिए जानी जाती है। जो लोग गलत मकसद के लिए तंत्र मंत्र का प्रयोग करते हो उनसे मेल-जोल नहीं रखना चाहिए।
- नवरात्रि के दौरान आपके यहां कोई भी आए चाहे वह भिक्षुक ही क्यों न हो भूलकर भी उसका अपमान न करें। जो लोग निर्धनों, असहायों को सताते हैं, उनका अपमान करते हैं, मां दुर्गा उन्हें दंडित करती हैं।
- नवरात्रि के नौं दिनों में बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना और नाखून काटना आदि वर्जित माना गया है।
- यदि आपने कलश स्थापना की है तो भूलकर भी घर में ताला नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि मां आदिशक्ति इन नौं दिनों तक आपके घर विराजती हैं।