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नवरात्रि आरती: महागौरी मां की इस आरती से होती है भक्तों की मुराद पूरी

Mon, 07 Oct 2019 10:00 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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मां महागौरी - फोटो : SELF
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नवरात्रि के आठवें दिन माता के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है। अष्टमी की तिथि के दिन महागौरी मां दुर्गा की पूजा से भक्तों के सभी तरह के पाप और कष्ट दूर हो जाते है। अष्टमी के दिन कुंवारी कन्याओं को भोजन करना शुभ होता है।

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कथा के अनुसार भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी जिससे इनका शरीर काला पड़ गया था। देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान इन्हें स्वीकार करते हैं और इनके शरीर को गंगा-जल से धोते हैं तब देवी बिजली के समान अत्यंत कांतिमान गौर वर्ण की हो जाती हैं, तभी से इनका नाम गौरी पड़ा।

 

नवरात्रि के सातवें दिन मां महागौरी की यह आरती अत्यंत जरूरी होती है।

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जय महागौरी जगत की माया ।

जया उमा भवानी जय महामाया ।।
 

हरिद्वार कनखल के पासा ।

महागौरी तेरा वहां निवासा ।।
 

चंद्रकली ओर ममता अंबे ।

जय शक्ति जय जय मां जगदंबे ।।
 

भीमा देवी विमला माता ।

कौशिकी देवी जग विख्याता ।।
 

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा ।

महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ।।
 

सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया ।

उसी धुएं ने रूप काली बनाया ।।
 

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया ।

तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ।।
 

तभी मां ने महागौरी नाम पाया ।

शरण आनेवाले का संकट मिटाया ।।
 

शनिवार को तेरी पूजा जो करता ।

मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ।।
 

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो ।

महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो ।।

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