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जानिए क्या होता है पितृ दोष और इसके लक्षण

Tue, 16 Jan 2018 01:38 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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 हमारे पूर्वज या पारिवारिक सदस्य जिनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें पितृ कहते हैं। पितृ हमारे और ईश्वर के बीच को मह्त्व पूर्ण कड़ी है। पितृ मानव और ईश्वर के बीच एक योनि है जिसमें मरणोपरांत मुनष्य की आत्मा कुछ समय के लिए वास करती हैं। कहा जाता है कि जब भी व्यक्ति किसी दुर्घटना या बीमारी से अकारण मृत्यु को प्राप्त होता है या फिर मृत्यु के समय यदि कोई इच्छा अधुरी रह जाती है तो जातक पितृ योनि को प्राप्त होता है और वह इस योनि में भटकता रहता है। जब तक उसकी इच्छा पूर्ण नहीं कर दी जाती।

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वह अतृप्त आत्मा परिवार वालों का ध्यान अपनी और आकर्षित करने के लिए अनेक प्रकार से परेशान करना शुरू कर देती है। पितृ दोष निवारण के पश्चात जब वह आत्मा शान्त हो जाती है तो वह पुनर्जन्म लेती है या ईश्वर में लीन हो जाती है। वही दूसरी और अगर पितृ आपके कर्मो से प्रसन्न होते है तो आपको इसका विशेष लाभ भी मिलता है। आप जिस कार्य को शुरू करते हैं उसमे जरुर सफलता मिलती है।
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पितृ दोष के लक्षण
-परिवार में कोई न कोई बीमारी बनी रहती है।
- परिवार में हमेशा आर्थिक तंगी रहती है और काम बनते-बनते बार-बार बिगड़ जाते है।
- संतान के विवाह में काफी परेशानियां और देरी होने लगती है।
-अच्छी आय होने पर भी घर मे बरकत नहीं होती है जिसके कारण धन एकत्रित नहीं हो पाता और बने बनाए काम को बिगड़ते देर नहीं लगती।


 
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