पौष माह को ही खरमास कहा जाता है। 15 दिसंबर को सूर्य देव के धनु में संक्रांति करने से खरमास का महीना आरंभ हो जाएगा। मकर संक्रांति के दिन से खरमास समाप्त हो जाता है। इस समय सूर्य का तेज कुछ कम हो जाता है। मकर संक्रांति के साथ ही सूर्य फिर से तेजमय हो जाता है। सूर्य के धनु में संक्रांति करने के दिन को धनु संक्रांति कहते हैं इस दिन लोग सत्यनारायण की कथा करवाते हैं, सूर्य को अर्घ्य देते हैं। खरमास प्रतिवर्ष आता है। खरमास आरंभ होते ही मांगलिक और शुभ कार्य बंद हो जाते हैं जो पूरे एक माह तक बंद रहते हैं। इसलिए खरमास आरंभ होने से पहले ही सारे कार्य पूरे कर लेने चाहिए। तो चलिए जानते हैं खरमास में क्या करें क्या न करें।