करवाचौथ का व्रत सुहाग और सौभाग्य का व्रत माना जाता है। इसलिए सुहागन स्त्रियां श्रद्घा और विश्वास के साथ यह व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इससे पति की उम्र लंबी होती है, दांपत्य जीवन में वियोग का कष्ट नहीं भोगना पड़ता है।
लेकिन परंपरा से एक कदम आगे बढ़कर अब प्रेमिकाएं भी अपने प्रेमी को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत रखने लगी हैं।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि इसमें कोई बुराई नहीं है। मंगेतर और प्रेमिका अपने प्रेमी की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रख सकती हैं।
इससे करवामाता का आशीर्वाद ही मिलेगा, कोई नुकसान नहीं होगा। यहां तक ही बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और उनकी सलामती के लिए भी यह व्रत रख सकती हैं।