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kalashtmi 2021: भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए करें, इन सिद्ध मंत्रों से पूजा

Wed, 03 Feb 2021 10:43 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Kaal Bhairav
हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन भगवान भैरव यानि शिव जी के रौद्ररूप की पूजा की जाती है। इस दिन भैरव भगवान का पूजन करने से जातक को भय और संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है। माघ मास में कालभैरव अष्टमी 4 फरवरी 2021 दिन गुरूवार को पड़ रही है। भगवान कालभैरव ही काशी के कोतवाल हैं। कालाष्टमी के दिन इनके सिद्ध मंत्रों का जाप करके कालभैरव भगवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कालाष्टमी का महत्व, कालभैरव और बटुक भैरव के सिद्ध मंत्र...

 
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kalashtami
कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव कृपी प्राप्त करने के लिए बहुत उत्तम रहता है। इनके अष्टस्वरूप माने गए हैं, परंतु मुख्यतः काल भैरव, दूसरे बटुक भैरव की पूजा करने की जाती है। साधारण जन के लिए बटुक भैरव की पूजा करनी चाहिए। भगवान बटुक भैरव का स्वरूप सौम्य और शीघ्र शुभ फलदायी है। भगवान काल भैरव की कृपा से राहु-केतु ग्रहों की बुरी दशा से भी मुक्ति प्राप्त होती है। माना जाता है कि भगवान काल भैरव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों जैसे भूत-पिशाच से मुक्ति प्राप्त होती है। आगे जानिए इनके सिद्धि मंत्र...
 
 
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kalashtami
काल भैरव आराधना मंत्र
काल भैरव के साहसिक रूप की आराधना करने से शत्रु बाधा, संकट से मुक्ति, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में विजय की प्राप्ति होती है। व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है और उसमें साहस एवं आत्मबल का संचार होता है। काल भैरव की आराधना के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
।। ॐ भैरवाय नम:।।


 
 
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kalashtami
बटुक भैरव आराधना मंत्र
बटुक भैरव को भगवान भैरव का सौम्य, बाल स्वरूप हैं। इनकी उपासना कल्पवृक्ष के समान फलदायी है। इनकी आराधना शीघ्रफलदायी है। कार्यों में सफलता प्राप्ति के लिए इनकी पूजा करनी चाहिए। भगवान बटुक भैरव की आराधना के लिए उक्त सिद्ध मंत्र का जाप करना चाहिए। 
 
।।ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाचतु य कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।।
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