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Kaal bhairav jayanti 2021: कल है कालभैरव जयंती, इन उपायों को करने से हर मनोकामना होगी पूर्ण

Fri, 26 Nov 2021 04:03 PM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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काल भैरव जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भगवान काल भैरव को काशी का कोतवाल कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में काल भैरव भगवान को शिव जी का रौद्र स्वरूप बताया गया है। इनकी कृपा से जातक को भय और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति प्राप्त होती है। प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान काल भैरव की जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान काल भैरव का अवतरण हुआ था। इस बार काल भैरव जयंती 27 नवंबर 2021 दिन शनिवार को पड़ रही है। भगवान काल भैरव को दंडपाणि (जिसके हाथों में दंड हो) कहा जाता है। भक्तों के लिए काल भैरव दयालु, कल्याण करने वाले और अति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव माने जाते हैं, तो वहीं अनैतिक कार्य करने वालों के लिए ये दंडनायक हैं। इनके विषय में धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि यदि इनके भक्तों का कोई अहित करता है तो उसे तीनों लोकों में कहीं भी शरण प्राप्त नहीं होती है। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि काल भैरव भगवान को प्रसन्न करने हेतु बहुत महत्वपूर्ण होती है। मान्यता है कि यदि आप काल भैरव जयंती के दिन भगवान भैरव की पूजा से जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो आपको जीवन की बाधाओं और परेशानियों से छुटकारा मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तो चलिए जानते हैं उपाय।
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Kaal Bhairav
काल भैरव भगवान शिव के ही स्वरूप हैं। इसलिए काल भैरव जयंती के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी भगवान भैरव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कालभैरव जयंती के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। इसके बाद मन में अपनी मनोकामना कहना चाहिए। मान्यता है कि इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
 
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Kaal Bhairav jayanti 2021 - फोटो : amar ujala
काल भैरव जयंती के दिन किसी ऐसे मंदिर में जाकर पूजन करना चाहिए जहां पर बहुत कम लोग जाते हो या बहुत दिनों से किसी ने पूजा न की हो। कहा जाता है कि जो भैरव बहुत कम पूजे जाते हैं उनका पूजन करने से भगवान भैरव बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं। मंदिर जाकर दीपक प्रज्वलित करना चाहिए और भगवान भैरव को नारियल और जलेबी का भोग लगाना चाहिए।
 
 
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काल भैरव जयंती 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
श्वान यानी कुत्ता भगवान भैरव का वाहन माना गया है। कालभैरव जयंती के दिन भगवान भैरव की पूजा करने के साथ ही कुत्ते को भोजन अवश्य करवाना चाहिए। खासतौर पर यदि कोई काला कुत्ता मिले तो उसे अवश्य भोजन करवाना चाहिए। इससे शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होती है। मान्यता है कि आपको बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
 
 
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