Snana Purnima 2026: आज ( 29 जून 2026) ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में देव स्नान पूर्णिमा का भव्य उत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के जल से महास्नान कराया जाता है। यह अनुष्ठान विश्वविख्यात जगन्नाथ रथ यात्रा का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिव्य स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और अगले 15 दिनों तक अनासर (एकांतवास) में विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं को उनके प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते और केवल सेवायत पुजारी ही भगवान की सेवा करते हैं।
बीमार भगवान की होती है विशेष सेवा
रथ यात्रा से पहले देते हैं नवयौवन दर्शन
लगभग 15 दिनों के विश्राम और उपचार के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा पुनः स्वस्थ माने जाते हैं। रथ यात्रा से एक दिन पूर्व वे नवयौवन दर्शन देते हैं। इसके बाद तीनों दिव्य रथों पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलते हैं। इसी क्षण से विश्वविख्यात जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ होता है, जिसका दर्शन करना करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए महान पुण्यदायी माना जाता है।
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