सुहाग का सामान: हरतालिका तीज के दिन सुहागन महिलाओं को दान करके ही व्रत का पारण करना चाहिए। दान करने के लिए सुहाग की सामग्री मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, श्री फल, कपूर, घी, तेल, चंदन, अबीर, कलश तथा दीपक हैं।
क्यों किया जाता है शृंगार के सामान का दान
शास्त्रों के अनुसार तीज में सुहागिन महिलाएं अपने श्रृंगार का दान करती हैं। इसके पीछे के कारण यह है कि इससे उनका श्रृंगार और सौभाग्य अखंड बना रहेग। इसके साथ ही इससे सदा सुहागन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक शस्त्रों के अनुसार ये दान ब्राह्मणों को किया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उनको दिया गया कोई भी सामान या कार्य में भगवान तक पहुंचने के माध्यम होते हैं। उसी प्रकार भगवान को दान देना हो तो ब्राह्मण को दान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त भी कई चीजें हैं जिसका दान किया जाना चाहिए आइए जानते हैं इसके बारे में।
उड़द और चने की दाल का दान : अनाज और फल के साथ उड़द और चने की दाल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाओं को ये सभी चीजें दान करने के बाद ही पानी पीना चाहिए।
गुड़ का दान :हरतालिका तेज पर गुड़ का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। ऐसा माना जाता है कि जब महिलाएं गरीबों को गुड़ दान करती हैं तो उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
चावल का दान : हरतालिका तीज पर कुछ घरों में सीधा निकालने की प्रथा है। इसमें चावल जरूर रखना चाहिए। इससे घर में सुख और समृद्धि आती है, साथ ही शुक्र ग्रह से संबंधी दोष समाप्त होते हैं।
वस्त्र का दान : इस दिन सुहागिन महिलाओं को वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। किसी ब्राह्मण महिला या गरीबों को वस्त्र का दान जरूर करें। मान्यता है कि इससे महादेव और माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। ऐसा करने से आपकी ग्रह की स्थिति में भी सुधार होता है।
फल का दान : सुहागिन स्त्रियों के लिए हरतालिका तीज के व्रत का बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सुहाग के सामान के साथ मंदिर में फलों का दान करने से सुख-समृद्धि आती है। साथ ही दाम्पत्य जीवन खुशहाल होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।