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Hanuman Ji Names: हर मंगलवार को जपें हनुमानजी के 108 चमत्कारी नाम, मुश्किल से मुश्किल काम भी हो जाएगा आसान

Tue, 02 May 2023 12:20 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hanuman Ji Ke Chamatkari Name: प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान के 108 नाम प्रचलित हैं। ऐसी मान्यताएं हैं कि उन नामों का जाप करने से व्यक्ति को आत्मीय शांति व ऊर्जा मिलती है। जो भी भक्त हनुमान जी के इन 108 नामों का जाप करते हैं, हनुमानजी उनके कष्टों का निवारण करते हैं।
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हनुमान जी के 108 नाम - फोटो : iStock
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विस्तार
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Hanuman Ji Ke 108 Naam: हनुमान जी कलयुग में ऐसे जागृत और साक्षात शक्ति हैं, जिनके समक्ष कोई भी मायावी शक्ति नहीं टिक पाती है। इनकी पूजा से किसी भी प्रकार का भय नहीं सताता है। ऐसे में वीर बजरंगी की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। भगवान हनुमान की पूजा, आराधना और उपवास के लिए मंगलवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। कहा जाता है मंगलवार के दिन महाबली हनुमान की पूजा करने और व्रत रखने से हनुमान जी जल्द प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं। प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान के 108 नाम प्रचलित हैं। ऐसी मान्यताएं हैं कि उन नामों का जाप करने से व्यक्ति को आत्मीय शांति व ऊर्जा मिलती है। जो भी भक्त हनुमान जी के इन 108 नामों का जाप करते हैं, हनुमानजी उनके कष्टों का निवारण करते हैं। बजरंग बली के 108 नाम इस प्रकार हैं....

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हनुमान जी के 108 नाम

  1. भीमसेन सहायकृते
  2. कपीश्वराय
  3. महाकायाय
  4. कपिसेनानायक
  5. कुमार ब्रह्मचारिणे
  6. महाबलपराक्रमी
  7. रामदूताय
  8. अभयदाता
  9. केसरी सुताय
  10. शोक निवारणाय
  11. अंजनागर्भसंभूताय
  12. विभीषणप्रियाय
  13. वज्रकायाय
  14. रामभक्ताय
  15. लंकापुरीविदाहक
  16. सुग्रीव सचिवाय
  17. पिंगलाक्षाय
  18. हरिमर्कटमर्कटाय
  19. रामकथालोलाय
  20. सीतान्वेणकर्त्ता
  21. वज्रनखाय
  22. रुद्रवीर्य
  23. वायु पुत्र
  24. रामभक्त
  25. वानरेश्वर
  26. ब्रह्मचारी
  27. आंजनेय
  28. महावीर
  29. हनुमत
  30. मारुतात्मज
  31. तत्वज्ञानप्रदाता
  32. सीता मुद्राप्रदाता
  33. अशोकवह्रिकक्षेत्रे
  34. सर्वमायाविभंजन
  35. सर्वबन्धविमोत्र
  36. रक्षाविध्वंसकारी
  37. परविद्यापरिहारी
  38. परमशौर्यविनाशय
  39. परमंत्र निराकर्त्रे
  40. परयंत्र प्रभेदकाय
  41. सर्वग्रह निवासिने
  42. सर्वदु:खहराय
  43. सर्वलोकचारिणे
  44. मनोजवय
  45. पारिजातमूलस्थाय
  46. सर्वमूत्ररूपवते
  47. सर्वतंत्ररूपिणे
  48. सर्वयंत्रात्मकाय
  49. सर्वरोगहराय
  50. प्रभवे
  51. सर्वविद्यासम्पत
  52. भविष्य चतुरानन
  53. रत्नकुण्डल पाहक
  54. चंचलद्वाल
  55. गंधर्वविद्यात्त्वज्ञ
  56. कारागृहविमोक्त्री
  57. सर्वबंधमोचकाय
  58. सागरोत्तारकाय
  59. प्रज्ञाय
  60. प्रतापवते
  61. बालार्कसदृशनाय
  62. दशग्रीवकुलान्तक
  63. लक्ष्मण प्राणदाता
  64. महाद्युतये
  65. चिरंजीवने
  66. दैत्यविघातक
  67. अक्षहन्त्रे
  68. कालनाभाय
  69. कांचनाभाय
  70. पंचवक्त्राय
  71. महातपसी
  72. लंकिनीभंजन
  73. श्रीमते
  74. सिंहिकाप्राणहर्ता
  75. लोकपूज्याय
  76. धीराय
  77. शूराय
  78. दैत्यकुलान्तक
  79. सुरारर्चित
  80. महातेजस
  81. रामचूड़ामणिप्रदाय
  82. अंजली सुत
  83. मैनाकपूजिताय
  84. मार्तण्डमण्डलाय
  85. विनितेन्द्रिय
  86. रामसुग्रीव सन्धात्रे
  87. महारावण मर्दनाय
  88. स्फटिकाभाय
  89. वागधीक्षाय
  90. नवव्याकृतपंडित
  91. चतुर्बाहवे
  92. दीनबन्धवे
  93. महात्मने
  94. भक्तवत्सलाय
  95. अपराजित
  96. शुचये
  97. वाग्मिने
  98. दृढ़व्रताय
  99. कालनेमि प्रमथनाय
  100. दान्ताय
  101. शान्ताय
  102. प्रसनात्मने
  103. शतकण्ठमदापहते
  104. केसरी नंदन
  105. अनघ
  106. अकाय
  107. तत्त्वगम्य
  108. लंकारि
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