12 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमान जी का नाम लेते ही मन में भक्ति, शक्ति और साहस की भावना जाग्रत हो जाती है। वे भक्तों के संकट हरने वाले और अटूट भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, कहा जाता है कि वे भगवान श्रीराम के भक्त और अखंड ब्रह्मचारी रहे हैं, इसलिए कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को उनकी पूजा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आज की इस खबर में हम आपको महिलाओं के हनुमान जी की पूजा की विधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे महिलाएं हनुमान जयंती पर आसानी से हनुमान जी का पूजन कर सकती हैं। इसके साथ ही हम यह भी बताएंगे कि महिलाओं को किन बातों से सतर्क रहना चाहिए और कुछ विशेष कामों को करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं।
1. हनुमान जी की मूर्ति को न छुएं
यह परंपरा शुरू से ही चलती आ रही है कि कि महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति या प्रतिमा को सीधे स्पर्श नहीं करतीं। वे दूर से ही श्रद्धा भाव से प्रणाम कर सकती हैं और अपनी भक्ति प्रकट कर सकती हैं। इसलिए आप भी हनुमान जी की दूर से पूजा करें और मूर्ति को स्पर्श बिल्कुल भी न करें।
2. सिंदूर चरणों में अर्पित करें
हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह काम केवल पुरुष ही कर सकती हैं। महिलाएं चाहें तो उनके चरणों में सिंदूर अर्पित कर सकती हैं या इसे किसी पुरुष से अर्पण करवाने का ऑप्शन चुन सकती हैं, लेकिन खुद से उन्हें बिल्कुल भी न चढ़ाएं।
3. ब्रह्मचर्य की मर्यादा का पालन करें
चूंकि हनुमान जी ने जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन किया, इसलिए उनकी पूजा करते समय मर्यादा का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। यह उनकी पूजा को और अधिक प्रभावी बनाता है। आप मंदिर में या घर में दूर से पूजा-अर्चना करें और मूर्ति के पास जाने से बचें।
4. रात में बिल्कुल भी पूजा न करें
कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को रात के समय हनुमान जी की पूजा करने से बचना चाहिए। दिन के समय की गई पूजा अधिक शुभ और फलदायी मानी जाती है। इसलिए आप दिन में ही समय निकालकर हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं।
5. मासिक धर्म के दौरान मंदिर में प्रवेश न करें
धार्मिक हिंदू मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान मंदिर जाने और उनकी मूर्ति का स्पर्श करने से बचना चाहिए। हालांकि, यह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है और आधुनिक समय में इसे लेकर भिन्न विचार भी देखने को मिलते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।