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Guru Gobind Singh Jayanti 2022: गुरु गोबिंद सिंह जयंती आज, पढ़ें उनके प्रेरणादायक विचार

Sun, 09 Jan 2022 08:34 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Guru Gobind Singh Jayanti 2022: सिखों के 10वें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। शौर्य, साहस, पराक्रम और वीरता के प्रतीक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को पंच ककार धारण करने का आदेश दिया था।
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Guru Gobind Singh Jayanti 2022 : गुरु गोबिंद सिंह जी ने ही खालसा वाणी, 'वाहे गुरु की खालसा, वाहेगुरु की फतह' दिया था। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Guru Gobind Singh Jayanti 2022: आज सिखों के 10वें गुरु गुरु गोबिंद सिंह की जयंती मनाई जा रही है। सिख समुदाय में यह दिन बहुत बड़ा और खास दिन माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह की सप्तमी तिथि पर गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाई जाती है। वहीं अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना में हुआ था। गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी जिसे सिख धर्म में प्रमुख माना जाता है। गुरु गोबिंद सिंह के बचपन का नाम गोविंद राय था । इनके पिता सिख धर्म के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था। गुरु  गोबिंद सिंह एक महान योद्धा और धार्मिक व्यक्ति थे। मुगल शासक औरंगजेब ने इनके पिता गुरु तेग बहादुर को इस्लाम धर्म कबूल करने मजूबर किया था लेकिन इन्होंने मुगलों के आगे नहीं झुके और इस्लाम धर्म कबूल करने से इंकार दिया। तब औरंगजेब ने नवंबर 1675 में इनका सिर कलम कर दिया था। तब गुरु गोबिंद सिंह को मात्र 9 वर्ष की अल्पायु में सिंह धर्म के 10वें गुरु पर आसीन हुए। गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष अरदास और लंगर का आयोजन किया जाता है। गुरु गोविंद सिंह जी ने ही वाहे गुरु की फतेह, वाहे गुरु का खालसा का नारा दिया था। शौर्य, साहस, पराक्रम और वीरता के प्रतीक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को पंच ककार धारण करने का आदेश दिया था। ये पांच चीजें ये है। केश, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा। गुरु गोबिंद सिंह जी के द्वारा दी गई शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरणा दिलाती है। प्रकाश पर्व के मौके पर आइए जानते हैं गुरु 10 बातें...
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पहली शिक्षा- धरम दी किरत करनी: अपनी जीविका ईमानदारी पूर्वक काम करते हुए चलाएं।
दूसरी शिक्षा- दसवंत देना: हर व्यक्ति को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में देना चाहिए।
तीसरी शिक्षा- गुरुबानी कंठ करनी: गुरुबानी को कंठस्थ कर लें।
चौथी शिक्षा- कम करन विच देरदार नहीं करना: काम करने में कभी भी पीछे न हटें। काम में खूब मेहनत करें और काम को लेकर कोताही न बरतें।
पांचवीं शिक्षा- धन, जवानी, तै कुल जात दा अभिमान नहीं करना: अर्थात जवानी, जाति और कुल धर्म को लेकर अभिमान नहीं करना चाहिए।
छठी शिक्षा- किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नहीं करना: किसी की चुगली-निंदा से बचें और किसी से ईर्ष्या करने के बजाय मेहनत करें।
सातवीं शिक्षा- परदेसी, लोरवान, दुखी, अपंग, मानुख दि यथाशक्त सेवा करनी: यानी किसी भी परदेशी नागरिक, दुखी व्यक्ति, विकलांग व जरूरतमंद शख्स की मदद जरूर करें।
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आठवीं शिक्षा- बचन करकै पालना: अपने सारे वादों पर खरा उतरने की कोशिश करें। 
नौवें शिक्षा- शस्त्र विद्या अतै घोड़े दी सवारी दा अभ्यास करना: खुद को सुरक्षित रखने के लिए शारीरिक सौष्ठव, हथियार चलाने और घुड़सवारी जरूर करें।
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दसवीं शिक्षा- जगत-जूठ तंबाकू बिखिया दी तियाग करना: किसी भी तरह के नशे का आदी न बनें।

गुरु गोविंद सिंह के जी अनमोल वचन

1- भै काहू को देत नहि,
नहि भय मानत आन
गुरु के बिना किसी भी व्यक्ति को
ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती है

2- गुरु गोबिंद तुम हो प्राण प्यारे,
तुम बिन मुझे जग से कौन तार
आप ही है वो जो लोगों को,
करा दे खुशियों के वारे न्यारे

3- ईश्वर ने मनुष्य को इसलिए जन्म दिया है,
ताकि वे संसार में अच्छे कर्म करें,
और बुराई से दूर रहें

4- वाहे गुरु का आशीष सदा मिले,
ऐसी है कामना तेरी !!
गुरु की कृपा से आएगी,
घर-घर में खुशहाली !!
गुरु गोबिंद सिंह जयंती की बधाइयां !!

5- लख-लख बधाई आपको,
गुरु गोविंद सिंह का आशीर्वाद मिले आपको!!
खुशी का जीवन से रिश्ता हो ऐसा,
दीए का बाती संग रिश्ता जैसे!!

6- सवा लाख से एक लड़ाऊँ,
चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊँ,
तबे गोबिंदसिंह नाम कहाऊँ,

7- भै काहू को देत नहि,
नहि भय मानत आन
गुरु के बिना किसी भी व्यक्ति को
ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती है
आपको गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की
बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाइयां
 
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