गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु थे। गुरू गोविंद सिंह जी के बचपन का नाम गोविंद राय था, जो इनके पिता गुरु तेगबहादुर जी के द्वारा रखा गया था। सन् 1699 में बैसाखी के दिन गुरुजी प्यारों के द्वारा अमृत चखने के बाद ये गुरु गोविंद सिंह कहलाए। इनकी माता का नाम गुजरी जी था। ये एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कवि भी थे। इस बार गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती 20 जनवरी 2021 को है। इस दिन को लोग प्रकाश पर्व के रूप में मनाते हैं। आज भी इनके त्याग और वीरता की मिसाल दी जाती है। ''सवा लाख से एक लड़ांऊ'' ये शब्द गुरू गोविंद जी की वीरता और साहस के संदर्भ में ही कहे जाते हैं। उनके अनुसार वीरता और साहस में एक सिख सवा लाख लोगों के बराबर है। इस दिन गुरुद्वारों की साज-सजावट की जाती है, कीर्तन दरबार लगता है।