गंगा स्नान
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर गंगा स्नान जरूर करें। हालांकि यह कोरोना काल चल रहा है। ऐसे में गंगा नदी में स्नान कर पाना संभव तो नहीं होगा। परंतु आप अपने घर पर नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इस उपाय से आपको मां गंगा से निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्त होगा। मान्यता है कि गंगा मैया के पावन जल के छींटे मात्र शरीर पर पड़ने से जन्म-जन्मांतर के पाप दूर हो जाते हैं।
मां गंगा का करें स्मरण
स्नान के पश्चात् गंगा मां की पूजा करते समय एक कटोरी में गंगा जल लें। अब उस गंगा जल से भरी करोटी के समक्ष गाय के घी का दीपक जलाकर मां गंगा का स्मरण करें और अंत में मां गंगा की आरती गाकर प्रसाद बांटें। इस उपाय को करने से आपकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
दान-पुण्य के कार्य जरूर करें
गंगा सप्तमी के दिन दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस तिथि पर जरूरतमंद, गरीबों, असहाय और ब्राह्मणों को दान करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति है। आप इस दिन पंखा, शीतल जल आदि का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई जन्मों के पुण्य के रूप में मनुष्य को प्राप्त होता है।
भगवान शिव का करें जलाभिषेक
गंगा सप्तमी पर चांदी या स्टील के लोटे में गंगाजल भरकर उसमें पांच बेलपत्र डाल लें और इस जल से भगवान शिव का अभिषेक करें। चल चढ़ाते समय ओम् नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इस उपाय को करने से आपको सौभाग्य की प्राप्ति होगी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।