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Ganga Dussehra Vishesh: 5 जून को गंगा दशहरा, स्नान-दान और तर्पण मिलती है पापों से मुक्ति

Tue, 03 Jun 2025 05:03 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ganga Dussehra daan: गंगा दशहरा का तात्पर्य है स्नान, दान और तर्पण आदि कर दस तरह के पापों से मुक्ति पाना। ऐसे में यह उत्सव समाज के सभी वर्गों को सामूहिक गंगा स्नान और दान के जरिए एक-दूसरे से जोड़ता भी है।
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गंगा दशहरा - फोटो : adobe stock
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Ganga Dussehra 2025:
गर्मियों में जब तापमान चरम पर होता है, तब हमें जिस एक चीज की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वो है जल। इसकी महत्ता भी हमें गर्मियों में तब समझ आती है, जब कई बार हम बूंद-बूंद को तरस जाते हैं। इसी जीवनदायिनी जल के सम्मान में मनाया जाने वाला पर्व है गंगा दशहरा। गंगा दशहरा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है, जो ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। 
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माना जाता है कि इसी दिन देवी गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस पर्व के माध्यम से न केवल गंगा नदी की पवित्रता का स्मरण किया जाता है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों को सामूहिक गंगा स्नान और दान के द्वारा एक-दूसरे से जोड़ता भी है। यह उत्सव जल और समाज के बीच महत्वपूर्ण रिश्तों को दर्शाता है, जहां पानी को पवित्र मानकर गंगा को मां मान कर पूजा जाता है।
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गंगा दशहरा - फोटो : freepik.com
सांस्कृतिक महत्व भी है खास
गंगा नदी को भारतीय संस्कृति में अत्यंत पवित्र माना गया है और उसे ‘मां’ का दर्जा प्राप्त है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा जल में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है, “गंगायां परमं पवित्रं, पापमुक्ति प्रदायिनी”, अर्थात गंगा का जल केवल शुद्ध ही नहीं, बल्कि पापों से मुक्ति देने वाला भी है।
गंगा दशहरा, जो गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पर्व है, माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर देश भर के श्रद्धालु गंगा तटों पर एकत्रित होकर स्नान, पूजा और दान-पुण्य करते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का उत्सव भी है, जहां समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर इस पावन अवसर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं।

गंगा दशहरा - फोटो : अमर उजाला।
घर पर भी कर सकते हैं स्नान
गंगा दशहरा के पवित्र अवसर पर गंगा स्नान पुण्यकारी होता है। ऐसे में अगर आप गंगा नदी के किनारे नहीं जा पा रही हैं तो घर में गंगा जल का अभिषेक करके पूजन कर सकती हैं। इसलिए आप पहले स्नान करें, फिर गंगा जल से शरीर का अभिषेक करें और उसके बाद विशेष मंत्रों का जाप करें। इससे जीवन में समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।

गंगा दशहरा - फोटो : adobe stock
दान से तन-मन को शीतलता
गंगा दशहरा ज्येष्ठ माह में मनाया जाता है, इसलिए इस समय गर्मी होने के कारण शरीर और मन को शीतलता प्रदान करने वाली चीजें दान की जाती हैं, जैसे कई लोग प्याऊ आदि लगाते हैं। इसके अलावा जल एवं शीतल पेय के लिए भंडारा किया जाता है। गंगा दशहरा के दिन विशेष रूप से दान करना और दूसरों की मदद करना अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। गंगा के जल में स्नान के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न या कुछ अन्य सामग्री का दान करना चाहिए। इस दिन गंगा में तर्पण और पितरों का पूजन करना भी अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। इस दिन किए गए दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा पर गर्मी से राहत के लिए पंखा और पानी बहुत ही महत्वपूर्ण माने गए हैं। ऐसे में यदि गंगा दशहरा के दिन पंखा और मटका दान किया जाए तो पुण्य फल प्राप्त होता है। आप शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुओं को मंदिर में भी दान कर सकती हैं।
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गंगा दशहरा - फोटो : गंगा सप्तमी का शुभ मुहूर्त
न करें ये गलतियां 
गंगा दशहरा पवित्र दिन होता है। इस दिन कुछ गलतियां करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती है, इसलिए भूल कर भी गंगा जल को अपवित्र न करें। इसे कभी भी किसी गंदी जगह पर न फेंकें। गंगा जल का उपयोग केवल पवित्र स्थानों पर ही करें। गंगा स्नान एवं पूजा में मन की एकाग्रता और श्रद्धा बनाए रखें। इस दिन किसी भी प्रकार के अहंकार या दिखावे से बचें, क्योंकि इस शुभ दिन पर सकारात्मकता का खास महत्व होता है। ऐसे में इस दिन विशेष रूप से नकारात्मक भावनाओं, जैसे- क्रोध, घृणा और अहंकार आदि से बचें। इस दिन श्रद्धा एवं शांति से गंगा स्नान करने से न केवल शरीर की शुद्धि होती है, बल्कि मन भी शांत होता है। गंगा दशहरा के दिन स्वयं को संयमित और आत्मिक उन्नति के लिए समर्पित करें, ताकि सकारात्मकता बनी रहे।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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