कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु चार माह की चिरनिद्रा से जागते हैं। इस वर्ष देवउठनी एकादशी 25 तारीख को है। भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जागने के बाद श्री हरि सर्वप्रथम हरिवल्लभा की सुनते हैं। भगवान विष्णु के जागने के बाद सबसे पहले जल के साथ उन्हें तुलसी दी जाती है। तुलसी की मंजरी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी और भगवान विष्णु के विग्रह स्वरुप शालिग्राम के विवाह का प्रावधान है। आप घर में भी तुलसी का विवाह कर सकते हैं। जानते हैं शालीग्राम और तुलसी के विवाह की आसान विधि...