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Christmas 2020: कौन हैं सांता क्लॉज, आखिर क्रिसमस में मोजे में ही क्यों बांटते हैं उपहार

Mon, 21 Dec 2020 02:36 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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क्रिसमस 2020 - फोटो : अमर उजाला
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हर साल 25 दिसंबर को भारत समेत पूरी दुनिया में क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन ईसाई धर्म के संस्थापक प्रभु ईशु के जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं। आज के समय में ईसाई धर्म के साथ अन्य धर्मों के लोग भी क्रिसमस का त्योहार मनाने लगे हैं। क्रिसमस आते ही लोगों के मन में केक, क्रिसमस ट्री, रंग-बिरंगे सितारे आदि का ख्याल आने लगता है, लेकिन छोटे बच्चों को तो बस अपने सांता क्लॉज का इंतजार रहता है। जो रात को चुपके से आकर उनके तकिए के नीचे उपहार रखकर जाएंगे। हांलाकि ये उपहार परिवार के कुछ सदस्य ही बच्चो के लिए रखते हैं, लेकिन सांता क्लॉज के उपहार देने की परंपरा हर 25 दिसंबर को चली आ रही है। जिसमें लाल रंग के कपड़े पहन कर सांता क्लॉज आते हैं और मोजे में बहुत सारे उपहार रखकर लाते हैं। पर क्या आपको पता है कि सांता क्लॉज कौन थे और वे आखिर मोजे में ही क्यों उपहार लेकर आते हैं, नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं जानते हैं ये दिलचस्प कहानी...

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वैसे तो सांता का क्रिसमस से कोई सीधा संबधं नहीं है लेकिन सांता क्लॉज की कहानी इस तरह से है कि चौथी शताब्दी में एशिया माइनर में  मायरा नाम की एक जगह थी जो कि अब तुर्की में है। यहां पर सेंट निकोलस नाम का एक आदमी रहता था। सेंट निकोलस बहुत धन था लेकिन बचपन में ही उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी। सेंट निकोलस बहुत दयावान व्यक्ति था और उसे प्रभु ईशु में भी बहुत आस्था थी। निकोलस अक्सर ही बिना बताए जरूरतमंद लोगों की मदद किया करता था। वह एकदम चुपके से जाकर लोगों को तोहफे दे देता था तोहफो को अचानक देखकर लोग खुश हो जाते थे। 
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एक बार सेंट निकोलस को कहीं से पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है, लेकिन उस व्यक्ति के पास उनकी शादियों के लिए उसके पास बिल्कुल भी धन नहीं है। ये बात जानने के बाद निकोलस ने इस शख्स की मदद करने की सोची और वह रात को उस आदमी की घर की छत में लगी चिमनी में से सोने से भरा बैग नीचे डाल दिया। उस दौरान इस गरीब शख्स ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में लगाया हुआ था।
उस व्यक्ति ने देखा कि इस मोजे में अचानक सोने से भरा बैग उसके घर में गिरा है और ऐसा तीन बार हुआ। उस व्यक्ति ने आखिरी में निकोलस को ऐसा करते हुए देख लिया। निकोलस ने उससे कहा कि यह बात वो किसी को न बताए, लेकिन फिर भी यह बात चारों ओर फैल गई। तब से जैसे ही किसी को अचानक से कोई उपहार मिलता तो उसे लगता की सांता क्लॉज ने दिया है। कहा जाता है कि इसी के बाद से क्रिसमस के दिन उपहार देने का रिवाज चलता गया। 
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