दीपावली के 6 दिन बाद छठ का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में सूर्यदेव की उपासना की जाती है। यह त्योहार सबसे ज्यादा उत्तर भारत में विशेष रूप से बिहार में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्यदेव की उपासना का पर्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठ को सूर्य देवता की बहन माना जाता है। हैं। छठ पूजा से घर में सुख शांति और संपन्नता आती है।
छठ पूजा कब
छठ पूजा में अस्तगामी और उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। वैसे तो साल में दो बड़े अवसरों पर सूर्यदेव की आराधना और पूजा पाठ करने का विधान होता है। पहला चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी और दूसरा कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को। छठ पूजा चार दिनों तक चलता है। छठ पूजा में व्रती महिलाएं अपने लिए छठी मइया से सूर्य जैसा प्रतापी और यश को प्राप्त करने वाली संतान की प्रार्थना करती हैं।
छठ पूजा के चार दिन
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय – छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाय खाय के साथ होती है। इस दिन व्रत रखने वाले स्नान कर और नये कपड़े पहनकर शाकाहारी भोजन लेते हैं।