छठ महापर्व 11 नवंबर से आरम्भ हो रहे हैं जो अगले 4 दिनों तक चलेंगे। छठ पर्व हिंदुओं का एक महापर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व पूर्वोत्तर भारत, बिहार, उत्तर प्रदेश व नेपाल में मुख्य रूप से प्रचलित है। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र दरभंगा में इस पर्व का विशेष महत्व है। छठ पूजा में सूर्य देवता की विशेषरूप से पूजा आराधना की जाती है। मान्यता के अनुसार, कार्तिक शुक्ल षष्ठी को भगवान राम और माता सीता ने उपवास किया और सूर्यदेव की आराधना की। सप्तमी को सूर्योदय के समय पुनः अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया था। इस पर्व में पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य की पूजा और चौथे दिन यानि अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देते हैं।
शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार की छठ पूजा में कई संयोग बन रहा है। 11 नवंबर को नहाय खाए के दिन सिद्धि योग बनेगा जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। जबकि 13 नवंबर, मंगलवार को सायंकालीन के समय अर्घ्य पर अमृत योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। छठ के अंतिम दिन बुधवार की सुबह को छत्र योग में सूर्य को अर्ध्य दिया जाएगा। यह छत्र योग बहुत ही शुभ माना जाता है। इस योग में अर्ध्य देने पर मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
पूजा मुहूर्त
13 नवंबर 2018 (संध्या अर्घ्य)
सूर्यास्त का समय - 17:28:46
14 नवंबर 2018 (उषा अर्घ्य)
सूर्योदय का समय - 06:42:31