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Navratri 2021: जानिए कंजक पूजन में नौ कन्याओं के साथ क्यों किया जाता है एक लड़के का पूजन

Sat, 17 Apr 2021 01:52 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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एक वर्ष में दो बार नवरात्रि आती हैं। दोनों ही नवरात्रि के समापन के दिन कंजक पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस समय चैत्र नवरात्रि चल रही हैं। इस बार 20 अप्रैल 2021 को चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। इस दिन हवन किए जाएंगे। 21 अप्रैल 2021 चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि है। इस दिन कन्या पूजन किया जाएगा। कन्या पूजन में एक बालक का पूजन भी अवश्य किया जाता है। कन्याओं के साथ बालक पूजन की परंपरा का निर्वहन बहुत पहले से किया जाता है लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि कंजक पूजन के साथ एक बालक (लड़के) क्यों बिठाया जाता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में...

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मां दुर्गा की पूजा के साथ भैरव की पूजा अवश्य की जाती है। नवरात्रि में नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर पूजते हैं तो वहीं बालक को बटुक भैरव के रूप में पूजा जाता है। काल भैरव के 64 रूप माने गए हैं जिसमें से बटुक भैरव उनका सौम्य स्वरूप है। बटुक का अर्थ होता है 15 से 16 वर्ष का बालक। गृहस्थ लोग भगवान भैरव के इस रूप करते हैं। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि बालक की पूजा बजरंगबली का स्वरूप मानकर की जाती है इसलिए कंजको के साथ बिठाए जाने वाले बालक को लांगुर या लंगुरिया भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार जिस तरह से भैरों के दर्शन के बिना माता रानी के दर्शन अधूरे माने जाते हैं उसी प्रकार से बालक की पूजा के बिना कंजक पूजन अधूरा माना जाता है। जिस प्रकार से सभी कन्याओं का पूजन किया जाता है उसी तरह से बालक का पूजन भी करना चाहिए।
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नवरात्रि के दिनों में नवमी तिथि को माता सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। सिद्धिदात्री माता समस्त सिद्धियों को प्रदान करने वाली हैं। इनके साथ भगवान भैरव की आराधना करना बहुत लाभप्रद रहता है। मान्यता है कि इनके पूजन से भी साधक को सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
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