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21 मार्च से चैत्र नवरात्र, कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त जान लीजिए

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21 मार्च को नया संवत् शुरु हो रहा है। शास्त्रों के नियम के अनुसार संवत् के पहले दिन कलश बैठाकर मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। इस वर्ष भी पूरे देश में नव संवत् का स्वागत इसी प्रकार होगा और लोग अपने घरों में एवं पंडालों में कलश बैठाकर चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना करेंगे।
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ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि, संवत्सर का आरंभ मां दुर्गा की पूजा से करने का नियम इसलिए है क्योंकि पुराणों के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही सृष्टि का आरंभ हुआ था। देवी पुराण के अनुसार मां दुर्गा आदिशक्ति हैं और इन्हीं सृष्टि के आरंभ में जीवों की उत्पत्ति होती है।

सभी देवी देवता इस दिन मां दुर्गा की पूजा करते हैं इसलिए नियम है कि संवत्सार का आरंभ मां दुर्गा की पूजा से किया जाना चाहिए।

मां दुर्गा की पूजा कलश स्थापना का बड़ा ही महत्व है क्योंकि कलश को शुभ और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन कलश बैठाकर मां दुर्गा से प्रार्थना की जाती है कि हे माता यह जो नया वर्ष आरंभ हुआ है वह सृष्टि और मानव के लिए कल्याणकारी हो।
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इसलिए कलश स्थापना करते समय शुभ मुहूर्त का चयन करना चाहिए। देवी पुराण के अनुसार कलश बैठाने का सबसे अच्छा समय प्रातः काल है।
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चैत्र नवरात्र कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष नव संवत्सर यानी हिन्दू नववर्ष का आरंभ शनिवार को हो रहा है। इसलिए राहुकाल 9 बजे से 10 बजकर तीस मिनट तक रहेगा। 11 बजकर 32 मिनट पर प्रतिपदा तिथि समाप्त हो जाएगी और द्वितीया तिथि शुरु हो जाएगी।

शास्त्रों के अनुसार घट की स्थापना प्रतिपदा तिथि में ही होनी चाहिए। ऐसे में घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः सूर्योदय के समय यानी 6 बजकर 28 मिनट से लेकर 9 बजे तक रहेगा। जो लोग इस समय घट स्थापना नहीं कर पाते हैं वह अभिजित मुहूर्त में 11 बजकर 45 से लेकर 12 बजकर 15 मिनट तक कर सकते हैं।

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