आज भाद्रपद माह का अंतिम मंगलवार है जिसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है। बुढ़वा मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और दर्शन करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और अटके हुए काम पूरे होने लगते हैं। बुढ़वा मंगलवार को बजरंगबली को सिंदूर चढ़ाने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन बुढ़वानल का पाठ करना शुभ माना जाता है।
क्यों कहते हैं इसे बुढ़वा मंगल
पुराणों के अनुसार भाद्रपद महीने के आखिरी मंगलवार को माता सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान जी की पूंछ में रावण ने आग लगा दी थी। जिसके बाद हनुमान जी ने विराट स्वरूप धारण कर सोने की लंका का दहन किया था। हनुमान जी ने आज के ही दिन अपनी पूंछ में लगी आग को बड़वानल अग्नि में बदल दिया था। इस कारण से भाद्रपद महीने के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल कहते हैं। विराट स्वरूप को धारण करने और बडनावल अग्नि पैदा कर रावण का घमंड चूर किया था। इस दिन बडवानल स्तोत्र के 108 पाठ करने से जीवन में आने वाली विपत्तियों का नाश हो जाता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।