फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Buddha Purnima: बुद्ध पूर्णिमा कब ? जानें स्नान-दान का मुहूर्त और पूजा विधि

Sat, 11 Apr 2026 06:43 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

वैशाख पूर्णिमा को ही बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। इस वर्ष यह 1 मई को मनाई जाएगी। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म के लोग अपने पवित्र ग्रंथ जैसे धम्मपद और त्रिपिटक का पाठ करते हैं। बोधगया में स्थित बोधि वृक्ष की पूजा करते हैं । इसे ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। 
विज्ञापन
बुद्ध पूर्णिमा - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Buddha Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा को ही बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। इस वर्ष यह 1 मई को मनाई जाएगी।  यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत खास होता है। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण तीनों हुए थे।  दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।  इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं दान पुण्य करते हैं । भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है।  बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग बुद्ध के बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं जिससे जीवन में शांति और सद्भाव बना रहे।  
विज्ञापन

घर के मुख्य द्वार पर शंख, चक्र और तिलक लगाने का क्या है धार्मिक महत्व और मान्यताएं
Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तिथि, पूजा विधि और महत्व
विज्ञापन


बुद्ध पूर्णिमा मुहूर्त
वैशाख पूर्णिमा आरंभ:  30 अप्रैल, रात्रि 9 बजकर 12 मिनट पर
वैशाख पूर्णिमा समाप्त: 1 मई , रात्रि  10 बजकर 52 मिनट पर 
उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा 1 मई को होगी। 

स्नान मुहूर्त 
बुद्ध पूर्णिमा पर स्नान के 2 शुभ मुहूर्त हैं। 
पहला मुहूर्त: प्रातः 4:15 से प्रातः  4:58
दूसरा मुहूर्त: प्रातः 5:41 से प्रातः  10:39

बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म के अनुयायी क्या करते हैं
बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म के लोग अपने पवित्र ग्रंथ जैसे धम्मपद और त्रिपिटक का पाठ करते हैं।  बोधगया में स्थित बोधि वृक्ष की पूजा करते हैं ।  इसे ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।  दीप दान करते हैं घरों को दीपकों से सजाते हैं।  मंत्र जाप करते हैं और भगवान बुद्ध के उपदेशों को याद कर उनका पालन करने का संकल्प लेते हैं।  वहीं हिंदू धर्म के लोग इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करते हैं।  मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं । व्रत रखते हैं और जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य प्राप्त करते हैं। 
विज्ञापन


भगवान विष्णु का नौवां अवतार
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई ग्रंथों में गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है।  कहा जाता है कि उन्होंने मानवता को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने के लिए इस रूप में जन्म लिया।  वहीं ऐतिहासिक दृष्टि से उनका जन्म 563 ईसा पूर्व कपिलवस्तु में हुआ था।  उनके पिता राजा शुद्धोदन और माता महामाया देवी थीं । जन्म के समय उनका नाम सिद्धार्थ रखा गया था।  आगे चलकर ज्ञान प्राप्ति के बाद गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए। 



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें