सरस्वती पूजा का महत्व
विद्या, बुद्धि, और शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा एक विशेष पर्व है। इस दिन पूजा के बाद माता सरस्वती की आरती करने से वह अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें यश और कीर्ति प्रदान करती हैं और जीवनभर उनकी रक्षा करती हैं। पूरे संसार को ज्ञान और बुद्धि देने वाली मां सरस्वती अपने साधकों को अटूट भक्ति का आशीर्वाद देती हैं। देवी सरस्वती मन के मोह के अंधकार को दूर करती हैं और गलत रास्ते पर चल रहे लोगों को प्रगति का मार्ग दिखाती हैं। मां की आरती को उनकी महिमा और प्रशंसा के लिए सबसे बड़ी स्तुति माना जाता है, और इससे वह शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों के अज्ञान को दूर कर जीवन को प्रकाशमय करती हैं।
मां सरस्वती की आरती
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
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