शास्त्रों में कुल 27 नक्षत्रों का वर्णन मिलता है जिसमें पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है। यह सभी 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र का स्थान 8वां होता है। पुष्य नक्षत्रों को सभी नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। पुराणों में पुष्य नक्षत्र के बारे में बताया गया है कि इस नक्षत्र में किए गए कार्य सर्वथा सिद्धि होते हैं और इसका लाभ जरूर मिलता है। पुष्य नक्षत्र में नई चीजों की खरीददारी करने पर सुख-समृद्धि और वैभव में बढ़ोतरी होती है। इस नक्षत्र में जमीन और मकान में निवेश करने पर लंबे समय के लिए लाभकारी सिद्ध होता है।