23 अप्रैल को सोम- पुष्य का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। यह दुर्लभ संयोग साल में 1 से 2 बार ही बनता है। सोमवार और पुष्य नक्षत्र एक साथ आने से यह समय बहुत ही प्रभावशाली बन जाता है। इस योग में बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं। सभी नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को बहुत ही शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र और सोमवार का दिन होने से यह दिन सुख और समृद्धि देने वाला भी माना जाता है। सोम-पुष्य योग होने के कारण इस दिन अगर भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाय तो शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शिव का जल से अभिषेक करना सभी के लिए शुभ होता है। इसके अलावा इस दिन भगवान शिव को गन्ने के रस और बेल पत्र अर्पित करना चाहिए। 27 नक्षत्रों में पुष्य 8 वां नक्षत्र है।