राजनीति के महानायक भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां कल हरिद्वार में हर की पौड़ी में विसर्जित की जायेगी। अटल जी के अस्थिकलश को कल गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा की पावन समाधि स्थल के पास रखा जायेगा।
गंगा में विसर्जित करने से पहले अटल जी अस्थियों का दर्शन उनके चाहने वाले गायत्री तीर्थ में कर सकेंगे। माना जा रहा है कि अटल जी की अस्थियों के दर्शन करने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित कर सकेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी जी का अस्थि कलश दिल्ली से चलकर प्रातः 11 बजे शांतिकुंज पहुँचेगा, जहाँ लोग उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात उनके परिजन अस्थि कलश लेकर हर की पौड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। हर की पौड़ी पर अटल जी के अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम 12.30 से 13.30 के बीच होगा।
अटल जी को याद करते हुए डॉ. पण्ड्या ने कहा कि स्व. वाजपेयी जी व्यक्तित्व के धनी थे और वे राजनीति में रहते हुए भी उससे ऊपर थे। समाज व राष्ट्र उनके लिए सबसे ऊपर था। डॉ. पण्ड्या ने अटल जी के साथ हुई मुलाकातों का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी अक्सर कहते थे कि भारत को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए अभी बहुत कुछ करना है, प्रत्येक भारतवासी मिलकर तन, मन, धन से कार्य करेंगे, देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। अटल जी गायत्री परिवार के रचनात्मक कार्यक्रमों से काफी प्रभावित थे।